Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव में वोट कैसे हो सकता है रद्द, क्या है और क्यों खास है 'बैंगनी' पेन?

Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा की 37 सीटें भरने के लिए 16 मार्च को वोटिंग हुई। वहीं वोटिंग के दौरान बैंगनी रंग के मार्कर पेन का इस्तेामल किया गया। वोट देने के लिए इस पेन का इस्तेमाल करने की ही इजाजत है। इसके अलावा कोई और पेन या पेंसिल इस्तेमाल करने पर वोट रद्द माना जाएगा।

Rajya Sabha Election 2026

राज्यसभा की 37 सीटें भरने के लिए 16 मार्च को वोटिंग हुई।

Election Commission Special Marker Pen: राज्यसभा चुनाव, राष्ट्रपति चुनाव और विधान परिषद (MLC) चुनाव में वोटिंग के लिए एक विशेष पेन का इस्तेमाल होता है। क्योंकि इन तीनों चुनाव में बैलेट पेपर के जरिए वोटिंग होती है, इसलिए उस पेपर पर वोट मार्क करने के लिए वोटर्स को चुनाव आयोग की तरफ से बैंगनी रंग का मार्कर पेन दिया जाता है। इस पेन के अलावा किसी और पेन को इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होती। यह पेन पीठासीन अधिकारी उपलब्ध कराता है और उसे ही वापस देना होता है।

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बैंगनी रंग का मार्कर पेन की क्यों?

राज्यसभा चुनाव में बैलेट पेपर से वोटिंग होती है और वरीयता के आधार पर वोटिंग की जाती है। विधायकों को बैलेट पेपर पर अंकित उम्मीदवारों के नामों में से अपनी पसंद के नाम के आगे 1, 2, 3… लिखना होता है। इस वोटिंग सिस्टम को ओपन बैलेट वोटिंग सिस्टम कहते हैं। बैलेट पेपर पर पसंदीदा उम्मीदवार को वरीयता नंबर देने के बाद विधायकों को अपना बैलेट पेपर अपनी पार्टी के द्वारा अधिकृत एजेंट को ही दिखाना होता है और यह अनिवार्य होता है। इस पेन को इस्तेमाल करने का मकसद वोट को गुप्त-वैध रखना है।

बैंगनी रंग के मार्कर की खासियत

बैंगनी रंग के मार्कर पेन की खासियत यह है कि इसकी स्याही आसानी से मिटती नहीं है और आसानी से खराब भी नहीं होती है। लंबे समय तक टिकी रहती है और एक पेन से करीब 1000 बार वोट करना संभव है। इस पेन को कर्नाटक की मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड (Mysore Paints and Varnish Ltd) कंपनी बनाती है। सरकार इस कंपनी की मालकिन है। इस कंपनी की स्थापना 1937 में मैसूर के तत्कालीन महाराजा नलवाड़ी कृष्णराजा वोडेयार ने की थी। 1962 से यह कंपनी वोटर्स की उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही उपलब्ध करा रही है।

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वोट कब रद्द-अमान्य माना जाएगा?

राज्यसभा चुनाव में डाला गया वोट रद्द या अमान्य भी माना जा सकता है। जैसे अगर बैलेट पेपर पर पसंदीदा उम्मीदवार के नाम के आगे 1,2,3… के अलावा कुछ और लिखेंगे तो वोट रद्द माना जाएगा। अगर नंबर बॉक्स से बाहर हो गया तो वोट रद्द माना जाएगा। अगर बैलेट पेपर फोल्ड करने से पहले पार्टी के अधिकृत एजेंट को नहीं दिखाया तो वोट रद्द माना जाएगा। एजेंट की बजाय किसी और को बैलेट पेपर दिखाया तो वोट रद्द माना जाएगा। बैंगनी रंग के मार्कर के अलावा किसी और कलर के पेन या पेंसिल का इस्तेमाल किया तो वोट रद्द माना जाएगा। बैलेट पेपर को गलत तरीके से मोड़ने या खराब करने से भी वोट रद्द माना जाएगा।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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