विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद वोटर लिस्ट से नाम कटने पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. वोटर लिस्ट से नाम कटने से वे नाराज हैं और उन्होंने पंजाब में AAP की भगवंत मान सरकार पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है. हाल ही में जारी हुई पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनके नाम के आगे परमानेंटली शिफ्टिड लिखा है. हालांकि 12 सितंबर 2026 तक राघव आपत्ति दर्ज करा सकते हैं और वोटर लिस्ट में दोबारा नाम एड कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन इस तरह नाम कटने से वे भड़के हुए हैं.
राघव चड्ढा का नाम एबसेंट वोटरों की सूची में शामिल हुआ
केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से 13 अगस्त 2026 को पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी. SIR के तहत पंजाब की वोटर लिस्ट से 20.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. राघव चड्ढा का नाम भी काट दिया गया है. उनका नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (ASDD) लिस्ट में शामिल है. वहीं अब राघव चड्डा के वोट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. राघव चड्डा लंबे समय से पंजाब में नहीं रह रहे हैं और उनका स्थायी निवास स्थान दिल्ली है. पता बदलने पर नए पते पर रजिस्ट्रेशन कराना मतदाता की जिम्मेदारी है. लेकिन चड्ढा का नाम मोहाली की मतदाता सूची में दर्ज हुआ.
राघव चड्ढा का वोट कहीं है और मतदान कहीं किया गया
मोहाली की मतदाता सूची के अनुसार राघव चड्ढा वार्ड नंबर 44 में सीरियल नंबर 253 पर रेजेंसी हाइट्स मोहाली के पते पर रजिस्टर्ड थे. 1 जून 2024 को उन्होंने मोहाली के लखनौर मतदान केंद्र पर आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट के लिए मतदान किया था. 2022 में पंजाब राज्यसभा के लिए चुने जाने के समय उनके चुनावी रिकॉर्ड में मतदाता पंजीकरण 39 राजिंदर नगर दिल्ली में दर्ज था. इस तरह उनका वोटर रिकॉर्ड किसी एक जगह का नहीं मिला. लेकिन राघव चड्डा ने आरोप लगाया कि पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राजनीति को SIR और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तक पहुंचा दिया है.
पंजाब सरकार पर प्रशासन के गलत इस्तेमाल का आरोप
राघव चड्ढा ने कहा कि वे पंजाब से राज्यसभा के मौजूदा सांसद हैं और उनकी वोटर आईडी मोहाली में पंजीकृत है, इसके बावजूद ड्राफ्ट सूची में उनका नाम ‘शिफ्टेड’ कैटेगरी में बताया गया. यह महज क्लेरिकल गलती नहीं, बल्कि राजनीतिक बदले की कार्रवाई है. भगवंत मान सरकार ने प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र का गलत इस्तेमाल किया है. जब से आम आदमी पार्टी छोड़ी है, पार्टी वाले बौखला गए हैं. इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, बदले की राजनीति की जा रही है. मुझे शिफ्टेड के रूप में किसने मार्क किया? पंजाब सरकार के अधिकारी ने कैटेगरी का वेरिफिकेशन किया था या नहीं?
चुनाव आयोग के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया
राघव चड्ढा ने कहा कि भगवंत मान सरकार के कहने पर ही वोटर लिस्ट से नाम काटा गया. इस भ्रष्टाचार में BLO से लेकर CEO तक शामिल हैं. अधिकारी जानते हैं कि चुनावी ड्यूटी खत्म होने के बाद उनके तबादले और पोस्टिंग पर फैसला राज्य सरकार ही लेगी. इसी दबाव के जरिए राजनीतिक बदला लिया गया. जबकि यह आयोग के नियमों का खुला उल्लंघन है. SIR के लिए गाइडलाइंस में पैरा 4(d) के तहत न्यायाधीशों, सांसदों और विधायकों के लिए ‘संरक्षित मतदाता सूची’ का प्रावधान है. अगर किसी का नाम डेटाबेस में फ्लैग होता है तो भी उसे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल रखाना अनिवार्य है.
राघव चड्ढा ने कहा कि मौजूदा सांसद होने के बावजूद उनके मामले में निर्देशों का जानबूझकर उल्लंघन किया गया. इसकी जांच होनी चाहिए. SIR के नियमों के तहत ‘दावे और आपत्तियां’ प्रक्रिया पूरी करुंगा और अपना नाम फिर से वोटर लिस्ट में एड कराऊंगा. लेकिन वोटर लिस्ट से नाम किस आधार पर काटा गया, इसकी जांच होनी चाहिए.