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आर्म्ड फोर्सेज और सिविल अधिकारियों के बीच तालमेल क्यों है जरूरी? राजनाथ सिंह ने बताई बड़ी वजह

AFHQ Civilian Services Day: आर्म्ड फोर्सेज और सिविलियन अधिकारी दोनों ही देश की सेवा में अपनी ड्यूटी करते हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों के कोऑर्डिनेशन की अहमियत पर जोर दिया, उनका मानना है कि इससे मुल्क का डिफेंस सिस्टम मजबूत होगा.

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Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को रक्षा मंत्रालय में आर्म्ड फोर्सेज और सिविलियन अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल के अहमियत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि एक मजबूत और ज्यादा एफिशिएंट नेशनल डिफेंस फ्रेमवर्क बनाने के लिए ज्यादा एकीकरण जरूरी है. नई दिल्ली में 85वें आर्म्ड फोर्स हेडक्वार्टर (AFHQ) सिविलियन सर्विसेज डे सेलिब्रेशन में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि सैन्यकर्मी और सिविलियन अधिकारी, दोनों ही देश को सबसे पहले रखने के सिद्धांत से एकजुट हैं.

‘मिलकर काम करने की जरूरत’

राजनाथ सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे भारत के आर्म्ड फोर्सेस ज्यादा एकजुटता की तरफ बढ़ रहे हैं, एडमिनिस्ट्रेटिव और मिलिट्री विंग को भी ज्यादा मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इफेक्टिव डिफेंस मैनेजमेंट पॉलिसी बनाने, ह्यूमन रिसोर्स, फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स, एडमिनिस्ट्रेशन और इंस्टीट्यूशनल प्लानिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर निर्भर करता है.

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रक्षा मंत्री ने बताए फायदे

दोनों ग्रुप की ताकत पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सैन्य अधिकारी ऑपरेशनल एक्सपर्टीज और जंग के मैदान का तजुर्बा देते हैं, जबकि सिविलियन अधिकारी पॉलिसी कंटिन्यूटी, एडमिनिस्ट्रेटिव ज्ञान और इंस्टीट्यूशनल मेमोरी देते हैं. उन्होंने आगे कहा कि इन क्षमताओं को एक साथ लाने से ज्यादा संतुलित और जानकारी से भरे फैसले लेने में मदद मिलती है.

जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम की बात

रक्षा मंत्री ने सहयोग को बेहतर बनाने के लिए जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम और क्रॉस-फंक्शनल असाइनमेंट को बढ़ाने के लिए भी एनकरेज किया. उभरती हुई सिक्योरिटी चुनौतियों का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने सुझाव दिया कि सिविलियन एक्सपर्ट्स डिफेंस के लिए खास साइबर टूल्स बनाने में मदद कर सकते हैं और भारत के मिलिट्री इतिहास को बड़े नजरिए से स्टडी करके नए आइडिया दे सकते हैं.

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देश की ताकत

AFHQ सिविलियन सर्विसेज को आर्म्ड फोर्सेज के पीछे एक ‘अनदेखी लेकिन जरूरी ताकत’ बताते हुए राजनाथ सिंह ने इसके मेंबर्स से रूटीन एडमिनिस्ट्रेशन से आगे बढ़कर अपना रोल बढ़ाने की अपील की. ​​उन्होंने रिसर्च, स्ट्रेटेजिक प्लानिंग और टेक्नोलॉजी से चलने वाले डिफेंस इनिशिएटिव्स में ज्यादा शामिल होने के लिए बढ़ावा दिया.

कई प्रोग्राम लॉन्च

इवेंट के दौरान डिफेंस मिनिस्टर ने कई डिजिटल गवर्नेंस इनिशिएटिव्स लॉन्च किए, जिसमें अकोमोडेशन मैनेजमेंट, एम्प्लॉई सर्विसेज, पे प्रोसेसिंग और परफॉर्मेंस अप्रेजल के लिए नए ऑनलाइन सिस्टम शामिल हैं. उन्होंने संवाद मैगजीन का लेटेस्ट एडिशन भी लॉन्च किया और AFHQ के बेहतरीन कर्मचारियों, खिलाड़ियों और कर्मचारियों के बच्चों को उनकी एकेडमिक अचीवमेंट्स के लिए अवॉर्ड दिए. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के चीफ और डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह समेत कई सीनियर डिफेंस अधिकारी सेलिब्रेशन में शामिल हुए.

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First published on: Aug 03, 2026 09:04 PM

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