कौन थे संत और कवि तिरुवल्लुवर, जिनकी किताब पीएम मोदी ने पुतिन को दी गिफ्ट; कन्याकुमारी में है 133 फीट ऊंची प्रतिमा
तिरुवल्लुवर की सबसे प्रसिद्ध प्रतिमाओं में से एक कन्याकुमारी में समुद्र के बीच एक चट्टान पर बनी 133 फीट ऊंची प्रतिमा है. यह प्रतिमा विवेकानंद रॉक मेमोरियल के पास स्थित है. इसकी कुल ऊंचाई 133 फीट रखी गई है, जो तिरुक्कुरल के 133 अध्यायों का प्रतीक है.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Sep 11, 2026 17:38
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Sep 11, 2026 17:38
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तिरुक्कुरल को दुनिया की महत्वपूर्ण नैतिक और दार्शनिक रचनाओं में गिना जाता है. (Photo: ANI)
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नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच करीब 45 मिनट की द्विपक्षीय वार्ता हुई. मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को महान कवि और संत तिरुवल्लुवर एक खास किताब ‘तिरुक्कुरल’ तोहफे में दी. 2026 में प्रकाशित इस संस्करण को रूसी भाषा में अनुवाद किया गया है. द्विपक्षीय वार्ता से ठीक पहले पीएम मोदी ने गर्मजोशी से राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत किया और हाथ मिलाने के बाद उन्हें गले भी लगाया. सोशल मीडिया पर अब पुतिन और पीएम मोदी की मुलाकात की कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं.
आपको बता दें कि तिरुवल्लुवर तमिल साहित्य के महान कवि और दार्शनिक माने जाते हैं. उनके जीवन से जुड़ी कई जानकारियां इतिहास में नहीं मिलती, लेकिन उनका जन्म, जन्मस्थान, परिवार और धार्मिक पहचान को लेकर अलग-अलग मत मिलते हैं. यही वजह है कि तिरुवल्लुवर को किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित करना आसान नहीं है. उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना ‘तिरुक्कुरल’ है, जिसमें जीवन, नैतिकता, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था और प्रेम जैसे विषयों पर बेहद संक्षिप्त लेकिन गहरी बातें कही गई हैं. तिरुक्कुरल को दुनिया की महत्वपूर्ण नैतिक और दार्शनिक रचनाओं में गिना जाता है. यह करीब दो हजार साल पुरानी तमिल परंपरा से जुड़ी रचना मानी जाती है.
#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi presented Russian President Vladimir Putin with a Russian translation of the Thirukkural, an ancient Tamil classic.
तिरुवल्लुवर की सबसे प्रसिद्ध प्रतिमाओं में से एक कन्याकुमारी में समुद्र के बीच एक चट्टान पर बनी 133 फीट ऊंची प्रतिमा है. यह प्रतिमा विवेकानंद रॉक मेमोरियल के पास स्थित है. इसकी कुल ऊंचाई 133 फीट रखी गई है, जो तिरुक्कुरल के 133 अध्यायों का प्रतीक है. इसमें 95 फीट ऊंची तिरुवल्लुवर की मूर्ति और 38 फीट ऊंचा आधार शामिल है. ये 38 फीट तिरुक्कुरल के ‘अरम’ यानी सदाचार वाले 38 अध्यायों को दर्शाते हैं. करीब 7,000 टन वजनी इस प्रतिमा का उद्घाटन 1 जनवरी 2000 को किया गया था. इसे प्रसिद्ध मूर्तिकार वी. गणपति स्थापति ने बनाया था.