Deepak Pandey
मैं 12 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं। दैनिक जागरण और हिंदुस्तान समेत कई संस्थानों में काम कर चुका हूं। इस वक्त न्यूज 24 डिजिटल में कार्यरत हूं।
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NITI Aayog Meeting : पंजाब और हरियाणा के बीच जल विवाद का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआईएसएफ को नंगल और भाखड़ा डैम की सुरक्षा सौंप दी। सीएम भगवंत मान ने नीति आयोग की बैठक में जल विवाद का मुद्दा उठाया और सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती का विरोध जताया। आइए जानते हैं कि पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीति आयोग बैठक में पंजाब की आवाज उठाई। उन्होंने भाखड़ा और नंगल डैम की सुरक्षा में CISF की तैनाती का विरोध किया। सीएम मान ने कहा कि अब तक पंजाब डैम की सुरक्षा संभालता रहा, सीआईएसफ से राज्यों के अधिकार कमजोर होंगे। पंजाब ने CISF तैनाती के फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की।
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सीएम भगवंत मान ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) पर पंजाब के अधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिना सहमति के पानी छोड़ना कानून और संघीय ढांचे के खिलाफ है। BBMB में पंजाब के अफसरों को नजरअंदाज किया जा रहा। पंजाब ने मांग की है कि बीबीएमबी की पक्षपाती कार्यशैली पर तुरंत रोक लगे।
उन्होंने सतलुज-यमुना लिंक नहर (SYL) नहीं, YSL नहर की वकालत की। पंजाब ने फिर यमुना जल पर दावा दोहराया। साथ ही सीएम ने हरिके हेडवर्क्स की सफाई के लिए 600 करोड़ की विशेष राशि की मांग की। आपको बता दें कि पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नंगल डैम और भाखड़ा डैम की सुरक्षा में सीआईएसएफ के 296 जवान तैनात कर दिए। साथ ही होम मिनिस्ट्री ने बीबीएमबी प्रबंधन को जवानों के लिए रहने की व्यवस्था करने को कहा।
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