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Punjab-Haryana High Court Stayed Wrestling Federation Of India Elections, चंडीगढ: भारतीय कुश्ती संघ का चुनाव एक बार फिर खटाई में पड़ गया। शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट का यह फैसला उस वक्त आया है, जबकि एक दिन बाद यानि शनिवार 12 अगस्त को ही इस संस्था के लिए वोटिंग होनी थी। उधर, इस मामले एक और बड़ी बात यह भी सामने आई है कि पहलवानों के यौन शोषण के आरोपी भारतीय जनता पार्टी सांसद (BJP MP) बृजभूषण शरण सिंह ने 25 में से 20 राज्यों का समर्थन होने का दावा किया है।
बता दें कि भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव (WFI Elections) पर पहले गुवाहाटी हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया था। हालांकि भारतीय ओलंपिक महासंघ के अनुसार भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव 6 से 11 जुलाई के बीच होने थे, लेकिन बाद में इसके लिए 12 अगस्त की तारीख तय कर दी गई। भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन अनीता के मुकाबले वाराणसी के रहने वाले अपने करीबी संजय सिंह को उम्मीदवार बना रखा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक रैली के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने देश के 25 में से 20 राज्यों के प्रतिनिधियों का उनके साथ होने का दावा किया था। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष उनके गुट का कैंडिडेट ही बनेगा। कुश्ती को लेकर उन्होंने बहुत मेहनत की है, जो आगे भी इसी तरह जारी रखी जाएगी। इसी दावे के बीच भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव पर अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
उधर, हाईकोर्ट ने रोहतक स्थित हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ के प्रतिनिधियों को भी बड़ा झटका दिया है। उन्हें फिलहाल भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव में भाग लेने के योग्य नहीं माना है। साथ ही नोटिस जारी करके पूछा है कि क्यों न वोट डालने पर रोक लगा दी जाए। इस मामले में 25 जुलाई के रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश को चुनौती दे हरियाणा कुश्ती संघ के संयुक्त सचिव इंद्रजीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ रोहतक को मान्यता नहीं है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के रिटर्निंग ऑफिसर ने हरियाणा एमेच्योर कुश्ती एसोसिएशन के चुनाव के लिए संघ के नामित प्रतिनिधियों को बाहर करने की मांग को खारिज कर दिया था। इस मांग को खारिज करने का आधार 2 दिसंबर 2022 को हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा जारी प्रमाण पत्र का बनाया गया।
याची इंद्रजीत सिंह ने कोर्ट को बताया कि किसी भी खेल संगठन को सदस्यता प्रदान करने का सवाल केवल जनरल बॉडी द्वारा तय किया जा सकता है। कोषाध्यक्ष का संबद्धता प्रमाणन जारी करना संभव नहीं है। हरियाणा एमेच्योर कुश्ती एसोसिएशन कभी भी हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध नहीं था। उनके अनुसार हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन ने माना है कि हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव में वोट डालने के लिए वैध सदस्य नहीं हो सकता।
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