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देश

‘नारी शक्ति के साथ हुई भ्रूण हत्या’, PM मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की 10 बड़ी बातें

PM Modi Nation Address speech Highlights: लोकसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने से जुड़ा '131वां संविधान संशोधन विधेयक' दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिर गया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए इसे 'नारी शक्ति के अधिकारों की हत्या' बताया और कहा कि देश की महिलाएं इस अपमान का बदला लेंगी. जानें, PM मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की 10 बड़ी बातें

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Edited By : Vijay Jain Updated: Apr 18, 2026 21:26
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PM Modi Nation Address speech Highlights: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन बेहद हमलावर और भावुक रहा. लोकसभा में ‘131वां संविधान संशोधन विधेयक’ के गिरने की घटना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के लोकतंत्र के लिए एक ‘दुखद मोड़’ करार दिया. पीएम ने इसे “अधूरा मिशन” बताया जिसे वे हर हाल में पूरा करने का संकल्प रखते हैं. प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने संकेत दे दिए हैं कि महिला आरक्षण बिल का गिरना अब आगामी चुनावों का सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा. जानें, PM मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की 10 बड़ी बातें

PM मोदी के संबोधन की मुख्य बातें

  • विपक्ष पर ‘विश्वासघात’ का आरोप: पीएम ने कहा कि विपक्ष ने सदन में बिल का विरोध कर देश की करोड़ों माताओं-बहनों के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने कहा, “जो दल बाहर नारी शक्ति की जय-जयकार करते हैं, उन्होंने संसद के भीतर उनके हक का गला घोंट दिया.”
  • ‘भ्रूण हत्या’ से तुलना: पीएम मोदी ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को गिराकर “नारी शक्ति के अधिकारों की भ्रूण हत्या” की है. उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, सपा और डीएमके जैसे दलों को इसका मुख्य गुनहगार बताया.
  • माताओं-बहनों से क्षमा: प्रधानमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, “मैं आज देश की करोड़ों माताओं-बहनों का क्षमाप्रार्थी हूं. हमारी नीयत साफ थी, हम आपको 2029 से आपका हक देना चाहते थे, लेकिन कुछ दलों की राजनीति ने आपके सपनों को कुचल दिया.”
  • ‘राजनीतिक स्वार्थ की जीत, देश की हार’: पीएम ने दुख जताते हुए कहा कि बहुमत का आंकड़ा (352 वोट) न मिल पाने के कारण बिल गिरना केवल सरकार की हार नहीं, बल्कि उन बेटियों की हार है जो 2029 में संसद पहुंचने का सपना देख रही थीं.
  • किसी से कुछ छीनने का प्रयास नहीं: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संशोधन किसी राज्य या किसी वर्ग से कुछ छीनने के लिए नहीं, बल्कि सबको देने के लिए था. उन्होंने कहा कि यह 21वीं सदी की नारी को नई उड़ान देने का एक “पवित्र महायज्ञ” था.
  • दक्षिण भारत को आश्वासन: विपक्ष के डर को खारिज करते हुए पीएम ने कहा कि यह बिल उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम सभी राज्यों की आवाज को संसद में और मजबूत करने के लिए था, न कि किसी का प्रतिनिधित्व कम करने के लिए.
  • सीटों के गणित पर स्पष्टीकरण: संबोधन में पीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करना चाहती थी, ताकि किसी भी राज्य की वर्तमान ताकत कम किए बिना महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जा सके. उन्होंने विपक्ष के ‘क्षेत्रीय असंतुलन’ के दावों को कोरा झूठ बताया.
  • इतिहास और सजा: प्रधानमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “नारी अपमान नहीं भूलती.” प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस अपमान को याद रखें. “इतिहास गवाह है कि जिसने भी नारी शक्ति का अनादर किया है, समय ने उसे कभी माफ नहीं किया. विपक्ष को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी.”
  • अधूरा मिशन पूरा करने का संकल्प: पीएम ने साफ कर दिया कि सरकार इस मुद्दे को छोड़ने वाली नहीं है. उन्होंने कहा, “यह मोदी की गारंटी है कि मैं हर संवैधानिक रास्ते का उपयोग कर महिलाओं को उनका हक दिलाकर ही दम लूंगा.”

First published on: Apr 18, 2026 09:14 PM

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