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देश

PM Modi Address In Rajya Sabha : ‘उन्होंने तो महात्मा गांधी का सरनेम तक चुरा लिया’, राज्यसभा में विपक्ष पर जमकर बरसे PM मोदी; संबोधन की बड़ी बातें

राज्यसभा से पहले पीएम मोदी बुधवार को लोकसभा में भाषण देने वाले थे. लेकिन हंगामे के चलते उसे टाल दिया गया था. गुरुवार को राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की. फिर सदन से वॉकआउट कर गए.

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Edited By : Arif Khan Updated: Feb 5, 2026 19:10

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है. राज्यसभा में वह राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे थे. इस दौरान विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की. फिर उन्होंने सदन से वॉकआउट कर दिया. पीएम मोदी ने कहा कि मोहब्बत की दुकान वाले, ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगवा रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो… ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं, सत्ता के भागीदार रहे हैं. राज्यों में भी उन्हें सरकारें चलाने का अवसर मिला है. लेकिन उनकी पहचान क्या बनी- उन्होंने सिर्फ अपनी जेब भरने का काम किया, नागरिकों के जीवन में बदलाव लाना, उनकी प्राथमिकता नहीं थी.

पीएम मोदी के भाषण के अहम अंश :

  • चोरी करना जिनका पुस्तैनी धंधा, उन्होंने महात्मा गांधी का सरनेम भी चुरा लिया.
  • सत्ता हमारे लिए सुख का रास्ता नहीं, सेवा का माध्यम है.
  • इनकी सरकार रिमोट से चलती थी, मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है. मेरे 140 करोड़ लोग वो रिमोट चलाते हैं.
  • कब्र खुदने की बात करने वाले मोहब्बत की बोर्ड के साइन बोर्ड लगाते हैं. क्या सार्वजनिक जीवन में ऐसी नफरत होती है.
  • उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री का पद उनके परिवार की जागिर है. उस पर कोई और नहीं बैठ सकता. वे सोचते हैं कि उस पर कोई क्यों बैठा है, उस पर तो हमारा पैतृक अधिकार था. इसलिए वो कब्र खोदने का नारा लेकर चल रहे हैं.
  • कांग्रेस की परेशानी कुछ और है. उनका सोचना हैकि मोदी जी यहां तक पहुंचे कैसे. पहुंचे तो पहुंचे अब तक टिका हुआ कैसे है. अब उन्हें एक ही रास्ता बचा है, ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’
  • ये मोदी की कब्र क्यों खोदना चाहते हैं. ये इनके भीतर की नफरत है. ये इसलिए है कि हमने 370 की दीवार गिरा दी. हमने उत्तर पूर्व में शांति और विकास की राह बनाई. पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देते हैं. ऑपरेशन सिंदूर करते हैं, इससे उन्हें परेशानी होती है. माओवादी आतंक से देश को मुक्ति दिलाने के लिए कदम उठा रहे हैं.
  • कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने की बात कर रही है. मोहब्बत की दुकान खोलने वाले, ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहे. ये कौनसे संविधान से सीखा है कि देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात कर रहे हैं.
  • कांग्रेस ने सभी सिखों का अपमान किया. सिख सासंद को गद्दार कहा गया. कांग्रेस के मन में सिखों के प्रति नफरत. ऐसे लोग कांग्रेस को डुबो देंगे.
  • कांग्रेस ने विश्वासघात करने के मामले में हमारे देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा. इस देश में 10 करोड़ किसान ऐसे हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है. छोटे किसानों की तरफ कभी देखा नहीं गया. लेकिन हमारे दिल में छोटे किसानों के प्रति एक दर्द था, जमीनी हकीकतों से परिचित थे और उसी के कारण हम पीएम किसान सम्मान निधि योजना लेकर के आए.
  • कांग्रेस के शासन की कार्यशैली रही है- लटकाना, अटकाना, भटकाना. ये लोग सिर्फ जीप और खच्चर वाला मॉडल ही जानते हैं. मैं एक बात बताना चाहता हूं- जब मेरा जन्म नहीं हुआ था, उसके पहले सरदार वल्लभ भाई पटेल ने नर्मदा नदी पर बांध बांधने की कल्पना की थी. विषय तो पक्का हो गया, सरदार साहब नहीं रहे. नेहरू जी ने शिलान्यास किया, लेकिन उसका उद्घाटन मैंने किया जब प्रधानमंत्री बना… ये इनका (कांग्रेस) हाल है.
  • हमारी सोच है कि 140 करोड़ देशवासी, इतने सामर्थ्यवान हैं कि वे चुनौतियों को समाधान दे सकते हैं, क्योंकि हमें अपने देशवासियों पर भरोसा है. लेकिन कांग्रेस देशवासियों को ही समस्या मानती है. लेकिन मैंने देश और दुनिया के सामने कहा है- चुनौतियां कितनी ही क्यों ना हों, 140 करोड़ समाधान हमारे पास हैं.
  • आज डील की चर्चा होती है तो गर्व से कहते हैं और तब डील की चर्चा होती थी तो बोफोर्स डील आ जाता था… ये डील होते थे.
  • कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो… ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं, सत्ता के भागीदार रहे हैं. राज्यों में भी उन्हें सरकारें चलाने का अवसर मिला है. लेकिन उनकी पहचान क्या बनी- उन्होंने सिर्फ अपनी जेब भरने का काम किया, नागरिकों के जीवन में बदलाव लाना, उनकी प्राथमिकता नहीं थी.
  • हमारे टीएमसी के साथियों ने काफी कुछ कहा, जरा खुद तो अपनी गिरेबान में देखें. निर्मम सरकार पतन के जितने भी पैरामीटर्स हैं, उसमें नए-नए रिकॉर्ड बनाती जा रही है, और उनके नेता यहां उपदेश दे रहे हैं. ऐसी निर्मम सरकार के कारण वहां (पश्चिम बंगाल) के लोगों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है, लेकिन उनको कोई मतलब नहीं है.
  • दुनिया का समृद्ध से समृद्ध देश भी अपने यहां से गैर कानूनी नागरिकों को बाहर निकाल रहा है, पर हमारे देश में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर प्रेशर डाला जा रहा है. देश का नौजवान कैसे ऐसे लोगों को माफ करेगा, जो उनका हक छीन रहे हैं.
  • कांग्रेस को असम के लोगों से बेहद नफरत है, क्या लोकतंत्र में ऐसा सोचते हैं?
  • कल लोकसभा की लोकसभा की घटना दर्दनाक. कांग्रेस की हताशा-निराशा समझ सकते हैं.
  • कांग्रेस ने संसद में संविधान का अपमान किया. कांग्रेस ने आदिवासी समाज का अपमान किया.
  • हमारे और कांग्रेस की कथनी-करनी में अंतर है. कांग्रेस केवल इमेजिन करती है, इम्प्लिमेंट से उनका कोई लेना-देना नहीं होता.
  • हमें देशवासियों की ताकत पर भरोसा है. कांग्रेस ने देशवासियों को समस्या माना. देश के लोगों का अपमान कांग्रेस के संस्कार हैं. उन्होंने राष्ट्रपति का भी अपमान किया है.
  • हमारी काफी शक्ति उनकी (कांग्रेस) गलतियों को ठीक करने में जा रही है. दुनिया के मन में जो उनके समय की छवि है उस छवि को धोने में लगी हुई है, क्योंकि उन्होंने देश को उसी हालत में छोड़ दिया था. और इसी काम के लिए हमने फ्यूचर-रेडी पॉलिसी पर बल दिया है.
  • आज आपने देखा होगा कि देश नीति के आधार पर चल रहा है. उसी कारण आज विश्व में देश पर विश्वास बन रहा है. आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है.
  • आज पूरा विश्व ग्लोबल साउथ की चर्चा करता है और भारत ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज बन गया है. आज हमारे युवाओं के लिए पूरा विश्व बाजर खुल चुका है, अब उनके लिए अवसर ही अवसर हैं.
  • बड़े-बड़े देश भारत के साथ व्यापारिक संबंध बनाने के लिए बहुत ही आतुर हैं. यूरोपिय संघ का ट्रेड डील हो, अभी-अभी अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील हो. पूरा विश्व खुलकर इस ट्रेड डील की तारीफ कर रहा है.
  • वोटबैंक की राजनीति में डूबे हुए लोगों ने कभी भी देश के ऐसे अनेक पहलुओं को मजबूती देना प्राथमिकता नहीं समझा. जहां तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है, मैं साफ-साफ कहना चाहता हूं कि न तो उनके पास कोई सोच थी, न कोई विजन और न ही कोई इच्छाशक्ति थी.
  • आज हमारे पास दुनिया का बहुत ही महत्वपूर्ण युवा टैलेंट पुल है, जिसके पास सपने भी हैं, संकल्प भी है और सामर्थ्य भी है. शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है. भारत आज विश्व में जो चुनौतियां पैदा हो रही हैं, उन चुनौतियों का समाधान देने वाला देश बना हुआ है.
  • सबसे बड़ी बात विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं. वहां की आबादी उम्र के उस पर पड़ाव पर पहुंची है, हम जिन्हें बुजुर्ग के रूप में जानते हैं.
  • हमारा देश ऐसा है जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, उसी समय दिनों दिन हमारा देश युवा होता जा रहा है. युवा आबादी वाला देश है.
  • 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही निर्णायक है, जैसे पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर निर्णायक रहा था. मैं साफ साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ये दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है, उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है.
  • आज राष्ट्र का हर व्यक्ति ये महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं. अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है. हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है. उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं.
  • पहले वोटबैंक की राजनीति होती रही. कांग्रेस के पीएम के पास सोच नहीं थी. कांग्रेस ने विकास को प्राथमिकता नहीं दी.
  • जो लोग थक गए, वो चले गए, लेकिन एक दिन उन्हें जवाब देना होगा कि उन्होंने देश की ऐसी हालात क्यों बना रखी थी कि कोई भी देश डील करने नहीं आ रहे थे. ऐसे ही देश भारत के साथ डील नहीं कर रहे हैं.
  • विकसित भारत की यात्रा में बीते वर्ष देश के तेज प्रगति के विकास के वर्ष रहे हैं. जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग को उनके जीवन में परिवर्तन का ये कालखंड रहा है. एक सही दिशा में तेज गति से देश आगे बढ़ रहा है.
  • आज मेजर इकॉनमी में भारत की ग्रोथ बहुत हाई है. हाई ग्रोथ और लो इंफ्लेशन, ये एक यूनिक संयोग है. ये हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती को प्रदर्शित करता है.
  • आजादी के वक्त हम छह नंबर की इकॉनमी थे. इन्होंने 11 पर पहुंचा दिया था. आज हम तीसरे स्थान पर पहुंचने वाले हैं.
  • सभापति महोदय मेरा आग्रह है कि आप खरगे जी कि उम्र देखते हुए उन्हें अनुमति दे दें, कि वे बैठकर नारेबाजी कर लें, ताकि उन्हें कष्ट ना हो.

बता दें, पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को लोकसभा में भाषण देने वाले थे, लेकिन उनका भाषण कुछ मिनट पहले टाल दिया गया था. यह फैसला लोकसभा में हो रहे भारी हंगामे को देखते हुए लिया गया था.

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First published on: Feb 05, 2026 04:59 PM

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