Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

देश

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा फैसला, हर 15 दिन में रेट्स की समीक्षा करेगी सरकार

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने लिया बड़ा फैसला! उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद अब हर 15 दिन में होगी तेल की कीमतों की समीक्षा. क्या अब और सस्ते होंगे पेट्रोल के दाम? जानिए आम आदमी की जेब पर क्या होगा इसका सीधा असर.

Author
Edited By : Vijay Jain Updated: Mar 27, 2026 17:33
सरकार ने कहा क‍ि पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है

देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से जूझ रही जनता के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती के बाद एक महत्वपूर्ण रणनीति तैयार की है. अब सरकार ने फैसला किया है कि वह हर 15 दिन में ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति की समीक्षा करेगी. सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले किसी भी बदलाव का लाभ सीधे आम आदमी की जेब तक पहुंचे.
दोनों ईंधनों पर 10 रुपए प्रति लीटर की कमी के बाद अब पेट्रोल पर कुल केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी 11.9 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 7.8 रुपए प्रति लीटर रह गई है.

क्या है सरकार का नया प्लान?

यह बदलाव तुरंत प्रभावी हो गया है. पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद सरकार अब “वेट एंड वॉच” की स्थिति में है. सरकार ने स्पष्ट किया कि इस कटौती से रिटेल पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने प्रेस ब्रिफिंग में कहा कि यह कदम तेल विपणन कंपनियों के अंडर-रिकवरी को दूर करने के लिए उठाया गया है, जो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति व्यवधानों के कारण हुई है. इससे कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर सरकार का नियंत्रण रहेगा और जरूरत पड़ने पर दरों को और भी संतुलित किया जा सकेगा.

---विज्ञापन---

क्यों लिया गया यह फैसला?

वर्तमान में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने मध्य पूर्व में ऊर्जा ढांचे को प्रभावित किया है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ब्लॉकेड लगा दिया, जिससे वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें फरवरी 28 के 68 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 7 मार्च को 100 डॉलर के पार पहुंच गईं. शुक्रवार दोपहर तक यह कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के 20-25% समुद्री कच्चे तेल और गैस का परिवहन करता है. भारत अपनी 40-50% कच्चे तेल की आयात इसी रूट से करता है. कतर और UAE से LNG तथा LPG का भी बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आता है, जो 33 करोड़ से अधिक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है.

तत्काल कोई तेल या गैस की कमी नहीं

सरकार ने आश्वासन दिया है कि तत्काल कोई तेल या गैस की कमी नहीं है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा, ‘हम अभी भी युद्ध की स्थिति में हैं. कच्चे तेल, LPG और LNG की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन हमारे पास पर्याप्त इन्वेंट्री है और अगले दो महीनों के लिए सप्लाई लाइन अप कर ली गई है. LPG और LNG की स्थिति आरामदायक है. रिफाइनरी 100% से अधिक क्षमता पर चल रही हैं और व्यावसायिक आपूर्ति पिछले कुछ हफ्तों में 70% तक बहाल हो गई है.’

---विज्ञापन---

सरकार की सतर्क रणनीति

विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है. सरकार ने कैलिब्रेटेड अप्रोच अपनाया है. डीजल और ATF के निर्यात को नियंत्रित करने के लिए स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और सेस लगाया गया है. पेट्रोल और डीजल की दरों की समीक्षा हर 15 दिन में की जाएगी. इससे बाजार की स्थिति के अनुसार त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी. रिटेल कीमतें फिलहाल नहीं बदलेंगी.

First published on: Mar 27, 2026 05:08 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.