Pappu Yadav: लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों को लेकर संसद में किए गए अपने सांकेतिक विरोध पर हो रही आलोचना का जवाब दिया है. उन्होंने इसको लेकर सफाई देते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन का मकसद धर्म के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करना था और इसे हिंदू आस्था या परंपराओं पर हमला नहीं माना जाना चाहिए.
आलोचना के बाद दी सफाई
विवाद शुरू होने के तुरंत बाद पप्पू यादव ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें वे भगवा कपड़ों में, पारंपरिक पगड़ी, तिलक, भस्म और रुद्राक्ष की माला पहने हुए दिखे. वीडियो में वो हिंदू रीति-रिवाजों के प्रति अपना सम्मान दिखाते हुए पूजा-पाठ करते और रुद्राक्ष की एक बड़ी माला पर जल चढ़ाते हुए नजर आए.
चंदा चोरी की जांच हो
साथ में लिखे संदेश में पप्पू यादव ने कहा, ‘राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है. मंदिर के चंदे की चोरी हुई है उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए. आस्था के नाम पर किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं हो सकती. दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कानून के अनुसार सजा मिले और देश की जनता के सामने सच आए. जय श्री राम.
कब शुरु हुआ विवाद?
ये विवाद 31 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र के दौरान शुरू हुआ, जब INDIA गठबंधन के सांसदों ने राम मंदिर दान में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मकर द्वार के पास सटायर से भरा विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन के तहत, यादव ने पुजारी का वेश धारण किया और चढ़ावे की कथित चोरी को दर्शाने वाले सीन दिखाए. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जबकि डिंपल यादव समेत समाजवादी पार्टी के सांसद भी वहां मौजूद थे.
BJP ने की आलोचना
बीजेपी ने इस प्रदर्शन की निंदा करते हुए विपक्ष पर भगवान राम, भगवा वस्त्र और सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया. विपक्षी नेताओं का कहना था कि विरोध प्रदर्शन का मकसद सिर्फ दान के पैसे के गलत इस्तेमाल के आरोपों को उठाना था.
पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज
इस बीच दिल्ली के जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में पप्पू यादव, राहुल गांधी, डिंपल यादव, अवधेश कुमार और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. आरोप है कि इस विरोध प्रदर्शन से हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है. पुलिस ने कहा कि शिकायत मिल गई है और आगे की कार्रवाई से पहले कानूनी राय ली जाएगी.