---विज्ञापन---

कौन हैं इंद्रमणि नौटियाल? सऊदी से भारत वापसी के लिए लोगों ने जुटाए 1.80 करोड़, जेल में काट रहे थे सजा

सऊदी अरब में फंसे उत्तरकाशी के रहने वाले इंद्रमणि नौटियाल की भारत वापसी के लिए पूरा उत्तराखंड एक साथ खड़ा हो गया है. लोगों ने इंद्रमणि की मदद के लिए दिल खोलकर पैसे डोनेट किए हैं.

---विज्ञापन---

सऊदी अरब में फंसे उत्तरकाशी के रहने वाले इंद्रमणि नौटियाल की भारत वापसी के लिए पूरा उत्तराखंड एक साथ खड़ा हो गया है. लोगों ने इंद्रमणि की मदद के लिए दिल खोलकर पैसे डोनेट किए हैं. अब तक 1 करोड़ 80 लाख रुपये जुटाए जा चुके हैं. इंद्रमणि नौटियाल को सऊदी अरब से भारत वापस लाने के लिए पैसे की बेहद जरूरत है. उनपर एक केस को लेकर भारी जुर्माना लगाया गया था. उत्तराखंड सरकार ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर ये सिफारिश की थी कि इंद्रमणि को भारत वापस लाया जाए. जुर्माना राशि ज्यादा होने की वजह से मामला टलता सा नजर आया तो उत्तराखंड की जनता ने खुद ही अभियान शुरू कर दिया.

ये भी पढ़ें: उत्तराखंड में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जायेगा :मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

---विज्ञापन---

कौन हैं इंद्रमणि नौटियाल?

इंद्रमणि नौटियाल उत्तरकाशी जिले के गौरसौड़ा के रहने वाले हैं. साल 2017 में उन्हें सऊदी अरब में एक ड्राइवर की जॉब मिल गई थी और वो वहीं शिफ्ट हो गए. इंद्रमणि काफी खुश थे, उनका काम और जिंदगी दोनों बढ़िया चल रहे थे. लेकिन एक साल बाद सबकुछ उथल-पुथल हो गया. 2018 में इंद्रमणि से एक सड़क हादसा हुआ, जिसमें सऊदी के नागरिक की मौत हो गई. इस मामले में नौटियाल को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ केस चलने लगा और उन्हें एक साल की जेल हुई. इंद्रमणि पर 9 लाख सऊदी रियाल यानि करीब 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा. एक साल जेल की सजा काटने के बाद वो रिहा हो गए, लेकिन जुर्माने की रकम नहीं जुटा पाए.

बेटी ने शुरू की मुहिम

इंद्रमणि करीब 8 सालों से सऊदी अरब में ही फंसे हैं. भारत वापसी के लिए उन्हें जुर्माना भरना अनिवार्य है. अपने पिता को इस तरह परेशान देखकर बेटी दीपिका नौटियाल ने उन्हें वापस लाने की ठानी. उन्होंने पिता की घर वापसी के लिए केंद्र, प्रशासन और आम जनता से अपील की. दीपिका ने एक अभियान शुरू किया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर ये मामला वायरल हो गया. आम जनता के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी इस मुहिम से जुड़ने लगे. लोगों ने इंद्रमणि को वापस लाने के लिए अपना खजाना खोल दिया. इंद्रमणि को वापस लाने के लिए करीब 2.29 करोड़ रुपये का टारगेट रखा गया है, जिसमें से अब तक 1.80 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री धामी ने किया युवाओं से संवाद

First published on: Sep 15, 2026 08:20 PM

End of Article

About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola