भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्ट्राइक किया है। इस स्ट्राइक में भारतीय सेना ने कुल 9 ठिकानों पर हमला बोला है। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने कहा है कि इस ऑपरेशन का मकसद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करना था ना कि पाकिस्तानी सेना को नुकसान पहुंचाना। भारत कि इस कार्रवाई के बाद अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पहला बयान सामने आया है।
भारतीय सेना के हमले पर क्या बोले पाकिस्तानी पीएम?
भारतीय सेना की कार्रवाई पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा है , “चालाक दुश्मन ने पाकिस्तान के 5 स्थानों पर कायराना हमले किए हैं। भारत द्वारा थोपे गए इस युद्ध के कृत्य का करारा जवाब देने का पूरा हक पाकिस्तान को है और करारा जवाब दिया जा रहा है। पूरी कौम पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं के साथ खड़ी है और पूरे देश का हौसला और जज्बा बुलंद है। पाकिस्तानी कौम और पाकिस्तानी फौज दुश्मन से निपटना अच्छी तरह जानती है। हम कभी भी दुश्मन को अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे।”
वहीं पाकिस्तान की सेना का कहना है कि हमला सिर्फ 6 जगहों पर किया गया है। इन 6 जगहों पर 24 मिसाइल अटैक भारत ने किया है। इतना ही नहीं इस हमले में 8 लोगों की मौत हुई है जबकि 33 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
इन जगहों पर भारतीय सेना ने किया अटैक
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय को भी भारतीय सेना ने टारगेट बनाया। मुरिदके, जो लाहौर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, 1990 से लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय रहा है। इसका नेतृत्व हाफिज सईद करता है और यही संगठन मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों का भी जिम्मेदार था।
इस ऑपरेशन में आतंकवादी संगठनों से जुड़े नौ जगहों पर सटीक हमले किए गए, खास तौर पर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े शिविरों को निशाना बनाया गया। बहावलपुर में मस्जिद सोभानुल्लाह, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कोटली और मुजफ्फराबाद शामिल हैं।