पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर अभियान चलाकर पाकिस्तान में घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इस दौरान 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के कुछ राज्यों में हवाई हमले शुरू कर दिए थे। अब इस मामले में भारत के लेफिटनेंट जनरल और थल सेना वाईस चीफ राहुल आर सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान सामने से लड़ रहा था, लेकिन चीन और तुर्की उसे पीछे से सपोर्ट कर रहा था। उस दौरान भारत सिर्फ एक देश से नहीं, बल्कि तीन देशों से युद्ध लड़ रहा था।
चीन उधार का लालच देकर जमीन हड़प लेता है
FICCI द्वारा आयोजित एक इवेंट, न्यू एज मिलिट्री टेक्नोलॉजीज में लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि 87 घंटे के संघर्ष से कई सबक सीखे जा रहे हैं, सबसे बड़ा सबक यह था कि सिर्फ एक सीमा थी, तीन विरोधी थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सामने का चेहरा था। हमारे पास चीन था जो सभी संभव समर्थन प्रदान कर रहा था। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि यदि आप आंकड़ों को देखते हैं, तो पिछले पांच वर्षों में पाकिस्तान को 81 प्रतिशत सैन्य हार्डवेयर चीन से मिल रहा है। जो पहले उधार देने का लालच देता है उसके बाद उसकी सीमा को हड़प लेता है।
चीन को पाकिस्तान के जरिए हथियारों का किया परीक्षण
उन्होंने कहा कि चीन दूसरों के खिलाफ अपने हथियारों का परीक्षण करने में सक्षम है। तो, यह उनके लिए उपलब्ध एक लाइव लैब की तरह है। यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में हमें बहुत संज्ञानात्मक होना है। तुर्की ने भी इस प्रकार के समर्थन को प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
चीन से मिल रहे लाइव अपडेट्स
उन्होंने आगे कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच DGMO स्तर की वार्ता हो रही थी तो उस वक्त पाकिस्तान को हमारे वेक्टर्स के लाइव अपडेट्स चीन से मिल रहे थे। हमें मजबूत एअर डिफेंस सिस्टम की जरूरत है, जिससे भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सके। हमें इस पर तेजी से काम करना होगा।
एअर डिफेंस सिस्टम को करना होगा औरा मजबूत
लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि जहां तक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की बात है, हमें हमारे एअर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करना होगा। हमारे पास इजरायल की तरह आयरन डोम नहीं है। उस तरह की लग्जरी हमारे पास नहीं है क्योंकि हमारा देश बहुत बड़ा है और इन चीजों में बहुत पैसे लगते हैं। जनरल ने कहा कि कहा कि हमें भविष्य की तैयारी करनी होगी और भविष्य के लिए तैयार रहना होगा।
7 मई को चलाया ऑपरेशन सिंदूर
बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई की रात पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था।