भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के लिए बातचीत सिर्फ दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में भारत और पाकिस्तान के बीच न तो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) और न ही विदेश मंत्रियों के स्तर पर कोई वार्ता हुई है। सिर्फ दोनों देशों के सेना संचालन महानिदेशकों (DGMOs) के बीच सीमित स्तर पर संवाद हुआ। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि अब आतंकवाद का जवाब निर्णायक सैन्य कार्रवाई से ही दिया जाएगा।
कराची हमारे टारगेट पर था: वाइस एडमिरल एएन प्रमोद
भारतीय नौसेना के डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपरेशन्स (DGNO) वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ‘पहलगाम हमले के बाद भारतीय नौसेना की कैरियर बैटल ग्रुप, सतह से लड़ने वाली यूनिट्स, पनडुब्बियां और नौसैनिक विमानन संसाधन युद्ध की पूरी तैयारी के साथ समुद्र में तैनात कर दिए गए थे। उन्होंने बताया कि आतंकी हमले के चार दिनों के भीतर अरब सागर में कई हथियार परीक्षणों के दौरान हमने अपनी रणनीति और संचालन प्रक्रियाओं को परखा और बेहतर किया।
वाइस एडमिरल प्रमोद ने कहा कि हमारी जवाबी कार्रवाई संयमित, संतुलित, गैर-उत्तेजक और जिम्मेदार रही है। हमने ऐसे ठिकानों को लक्ष्य बनाने की तैयारी कर रखी थी, जिन पर जरूरत पड़ने पर हमला किया जा सके, इनमें कराची भी शामिल था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नौसेना अभी भी समुद्र में पूरी ताकत के साथ डटी हुई है और दुश्मन के किसी भी हिमाकत का निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार है।
सीजफायर का उल्लंघन किया तो मिलेगा करारा जवाब: DGMO
DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, ‘मेरी पाकिस्तान के DGMO से कल दोपहर 3:35 बजे संपर्क हुआ, जिसके परिणामस्वरूप 10 मई 2025 शाम 5:00 बजे से दोनों देशों के बीच सीजफायर और हवाई घुसपैठ पर विराम लगा, जैसा कि पाकिस्तान के DGMO ने प्रस्तावित किया था। उन्होंने कहा कि हमने 12 मई 2025 दोपहर 12 बजे फिर से बात करने का निर्णय लिया, ताकि इस समझौते को मजबूत और दीर्घकालिक बनाने के तरीके पर चर्चा की जा सके। हालांकि, निराशाजनक रूप से पाकिस्तान सेना ने केवल कुछ घंटे में ही इन समझौतों का उल्लंघन किया और क्रॉस बॉर्डर फायरिंग और ड्रोन आक्रमण करके यह तय किया कि वे हमारी सहमति का पालन नहीं करेंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि हमने इन उल्लंघनों का जवाब मजबूती से दिया और आज सुबह हमारे द्वारा एक हॉटलाइन संदेश पाकिस्तान के DGMO को भेजा गया, जिसमें हमनें इन उल्लंघनों को स्पष्ट रूप से बताया है। साथ ही पाकिस्तान द्वारा इन उल्लंघनों को दोहराए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया की बात कही। उन्होंने में कहा कि हमारे आर्मी चीफ ने हमारे सेना कमांडरों को पाकिस्तान द्वारा किसी भी उल्लंघन पर तुरंत और कड़ा जवाब देने के निर्देश दिए हैं।’
पाकिस्तान के 30-40 जवान मारे गए: DGMO
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, ‘कुछ हवाई क्षेत्रों पर हवा से बार-बार हमले हुए, लेकिन सभी को विफल कर दिया गया। पाकिस्तान आर्मी को ओर से बताया गया है कि 7 से 10 मई के बीच नियंत्रण रेखा पर तोपखाने और छोटे हथियारों से गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के लगभग 35 से 40 जवान मारे गए हैं।’
लाहौर और गुजरांवाला में सैन्य प्रतिष्ठानों, निगरानी रडार साइटों को निशाना बनाया: DGAO
एयर मार्शल एके भारती ने कहा, ‘8 और 9 की रात को 10:30 बजे से ही हमारे शहरों पर ड्रोन और अनमैन्ड एरियल व्हीकल से बड़े पैमान पर हमला हुआ, जो श्रीनगर से शुरू होकर नलिया तक किया गया। लेकिन हम तैयार थे और हमारी हवाई रक्षा तैयारियों ने सुनिश्चित किया कि जमीन पर या दुश्मन द्वारा नियोजित किसी भी लक्षित लक्ष्य को कोई नुकसान न पहुंचे। हमने हर संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय कर दिया। एक संतुलित प्रतिक्रिया में हमने एक बार फिर लाहौर और गुजरांवाला में सैन्य प्रतिष्ठानों, निगरानी रडार साइटों को निशाना बनाया। ड्रोन हमले सुबह तक जारी रहे, जिनका हमने मुहंतोड़ जवाब दिया, ये ड्रोन हमले लाहौर के नजदीक कहीं से किए जा रहे थे।
पाकिस्तान ने नागरिकों को बनाया ढाल: DGAO
उन्होंने कहा कि ‘दुश्मन ने अपने नागरिक विमानों को भी लाहौर से उड़ान भरने की अनुमति दी थी, न केवल उनके अपने विमान बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्री विमान भी उड़ रहे थे, जो काफी असंवेदनशील है। इसकी वजह से हमें अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ी।’
भारतीय सेना ने सिर्फ आतंकियों को निशाना बनाया: एके भारती
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि भारतीय वायुसेना ने बेहद सावधानीपूर्वक केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और कोई भी नागरिक हानि नहीं होने दी। हमने पूरी योजना इस तरह बनाई थी कि सिर्फ आतंकी कैंपों पर सटीक वार किया जाए और किसी आम नागरिक को नुकसान न पहुंचे। एयर मार्शल एके भारती ने कहा, ‘हमने जो भी तरीके और साधन चुने, उनका दुश्मन के ठिकानों पर वांछित असर हुआ। कितने लोग हताहत हुए? कितने घायल हुए? हमारा उद्देश्य हताहत करना नहीं था, लेकिन अगर हुए हैं तो उन्हें गिनना उनका काम है। हमारा काम लक्ष्य को भेदना है, शवों की गिनती करना नहीं।’
बहावलपुर में आतंकी ठिकाना तबाह कियाः एके भारती
भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित आतंकवादी अड्डे पर सटीक मिसाइल हमला कर उसे पूरी तरह तबाह कर दिया। ये इलाका जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख ठिकाना माना जाता है। भारतीय वायुसेना के डीजी एयर ऑपरेशन्स एयर मार्शल एके भारती ने इस हमले की ड्रोन और सैटेलाइट फुटेज दिखाई।
मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी ठिकानों पर किया हमला: DGAO
एयर मार्शल एके भारती ने मुरीदके आतंकी शिविर पर मिसाइल अटैक का विस्तृत वीडियो दिखाया। यह वही इलाका है जिसे लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद का गढ़ माना जाता है। DGAO एके भारती ने कहा कि मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया। एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि हालात कठिन हैं, हम ये प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करना चाहते थे, लेकिन जरूरी हो गया था। भारतीय वायुसेना ने मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी ठिकानों पर हमला किया। IAF ने सटीक हमलों के लिए सैटेलाइट और इंटेलिजेंस आधारित टार्गेटिंग और प्रिसिशन म्यूनिशन का इस्तेमाल किया।
भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, ‘9-10 मई की रात को पाकिस्तान ने सीमाओं के पार हमारे हवाई क्षेत्र में ड्रोन और विमान उड़ाए और कई सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के बड़े पैमाने पर असफल प्रयास किए। पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा पर उल्लंघन फिर से शुरू हुआ, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
100 आतंकियों को मार गिराया: DGMO
DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर का मकसद सिर्फ आतंकियों का खात्मा करना था। हमने 100 आतंकियों को खत्म किया। उन्होंने कहा कि सेना ने आतंकी हमले का जवाब दिया। यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे जैसे बड़े आतंकियों को ढेर किया, जो आईसी 814 के अपहरण और पुलवामा विस्फोट में शामिल थे। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा का भी उल्लंघन किया गया। हमारे दुश्मन की अनिश्चित और घबराई हुई प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट था कि वे बड़ी संख्या में नागरिक, बसे हुए गांव और गुरुद्वारा जैसे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाएंगे और दुर्भाग्य से कई लोग उनके हमले का शिकार हुए, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। हालांकि, भारतीय वायु सेना ने इन हमलों का मुहंतोड़ जवाब दिया और उनके कई कैंपों पर हमला किया। भारतीय नौसेना ने सटीक हथियारों के मामले में साधन उपलब्ध कराए।’
आतंकी ढांचे को नष्ट करने के उद्देश्य से चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर
आर्मी के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, ‘आप सभी अब तक उस क्रूरता और नृशंस तरीके से परिचित हो चुके हैं, जिसमें 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की असमय हत्या कर दी गई थी। जब आप उन भयावह दृश्यों और परिवारों के दर्द को जोड़ते हैं, जो राष्ट्र ने हमारे सशस्त्र बलों और निहत्थे नागरिकों पर हाल ही में हुए कई अन्य आतंकवादी हमलों के साथ देखा तो हम जानते थे कि एक राष्ट्र के रूप में हमारे संकल्प को एक और मजबूत बयान देने का समय आ गया है। ऑपरेशन सिंदूर की अवधारणा आतंक के अपराधियों और योजनाकारों को दंडित करने और उनके आतंकी ढांचे को नष्ट करने के स्पष्ट सैन्य उद्देश्य के साथ की गई थी। मैं यहां जो नहीं कह रहा हूं, वह भारत का अक्सर कहा जाने वाला दृढ़ संकल्प और आतंकवाद के प्रति उसकी असहिष्णुता है।’
ऑपरेशन सिंदूर पर तीनों सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस
इसी बीच भारत-पाकिस्तान तनाव पर तीनों सेनाओं आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के मिलिट्री ऑपरेशन के डायरेक्टर जनरल (DGMO) संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय थल सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, भारतीय वायु सेना के महानिदेशक वायु अभियान (DG Air Ops) एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती और भारतीय नौसेना के महानिदेशक नौसेना अभियान (DGNO) वाइस एडमिरल एएन प्रमोद शामिल हैं।
PMO में तीनों सेना प्रमुख की हुई बैठक
इससे पहले आज सुबह प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) में रक्षा मंत्री, तीनों सैन्य प्रमुख, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) की मीटिंग हुई थी। इसके बाद सुबह 11 बजे होने वाली रक्षा मंत्रालय की प्रेस ब्रिफिंग टल गई थी। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई, शाम 5 बजे संघर्ष विराम पर सहमति बन गई है। दोनों देशों ने तय किया है कि स्थिति और बेहतर करने के लिए 12 मई को DGMO यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन स्तर पर बातचीत होगी।
10 मई को 4 बार प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई
भारत-पाकिस्तान के बीच जारी संघर्ष को लेकर विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की शनिवार को 4 बार प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। विदेश मंत्रालय ने सुबह 10.45 बजे कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें 9 मई रात पाकिस्तानी हमले की जानकारी दी गई थी। इसके बाद शाम 5 बजे भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर सहमति की बात को लेकर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी। इसके कुछ देर बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत द्वारा की गई जवाबी हमले की जानकारी दी। फिर रात 10:55 बजे विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिस्री ने पाकिस्तान द्वारा किए गए सीजफायर उल्लंघन को लेकर ब्रीफिंग की।
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