Swati Pandey
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New Year 2024: नए साल को हर कोई खास बनाना चाहता है। हर किसी को कुछ नया करने की चाह होती है। कहते है साल का पहला दिन अच्छा होता है तो पूरा साल अच्छे से बीतता है। 1 जनवरी को आप 2023 को विदा देंगे। आपकों भी साल 2024 से बहुत उम्मीदें होंगी।
31 दिसंबर की रात लोग अपने दोस्तों, परिवार और पसंदीदा लोगों के साथ रहना पसंद करते है। नए साल हर कोई खास करता है। लेकिन नए साल के इतिहास के बारे में बहुत कम जानते है आइए आपको बताते है नए साल का इतिहास, महत्व और परंपराओं के बारे में
45 ईसा पूर्व में 1 जनवरी को नए साल की शुरूआत में मनाया जाता था। रोमन कैलेंडर मार्च में शुरू होता था और 355 दिनों तक चलता था। लेकिन सत्ता में आने के बाद रोमन तानाशाह जूलियस सीजर ने कैलेंडर बदल दिया। सीजर ने भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने के लिए 2066 साल पहले कैलेंडर में बदलाव किए थे। इसी वजह से ने 1 जनवरी को नया साल मनाना शुरू कर दिया।लेकिन 16वीं शताब्दी तक यूरोप ने इसे स्वीकार नहीं किया था। ईसाई धर्म की शुरुआत के बाद, 25 दिसंबर, यीशु के जन्म का दिन, स्वीकार किया गया और 1 जनवरी, नए साल की शुरुआत हुई थी।
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भारत में हिंदू धर्म के नववर्ष की शुरुआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानी चैत्र नवरात्रि से होती है। मार्च या अप्रैल में यह तिथि पड़ती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की शुरुआत की थी। हिंदू धर्म में इसी दिन से नए साल की शुरुआत होती है।
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