Deepak Pandey
मैं 12 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं। दैनिक जागरण और हिंदुस्तान समेत कई संस्थानों में काम कर चुका हूं। इस वक्त न्यूज 24 डिजिटल में कार्यरत हूं।
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तमिलनाडु में अगले साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है। भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी पैठ जमाने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन को लेकर ऐलान किया। पार्टी हाईकमान नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु बीजेपी की कमान सौंपने जा रहा है। अब लोग ये जानना चाहते हैं कि कौन हैं नैनार नागेंद्रन, बीजेपी नेतृत्व क्यों जता रहा विश्वास?
नैनार नागेंद्रन तमिलनाडु बीजेपी के 13वें अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। वे तेजतर्रार पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई की जगह लेंगे। वे अध्यक्ष की रेस में एकमात्र दावेदार हैं, क्योंकि सिर्फ उन्होंने ही इस पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, नैनार नागेंद्रन के लिए पार्टी की कमान संभावना एक कठिन काम होगा, क्योंकि विधानसभा चुनाव राज्य की राजनीति का भविष्य तय कर सकता है।
अन्नामलाई की आचोलना की वजह से एआईएडीएमके ने सितंबर 2023 में एनडीए से नाता तोड़ दिया था, जिसका नुकसान राज्य में लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी को झेलना पड़ा। ऐसे में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी कोई नुकसान नहीं उठाना चाहती है। अब बीजेपी हाईकमान ने AIADMK से गठबंधन से पहले अन्नामलाई को अध्यक्ष पद से हटाने का फैसला लिया। अब नैनार नागेंद्रन को राज्य की कमान मिलने वाली है। वे लंबे समय तक AIADMK में रहे। ऐसे में वे बीजेपी और एआईएडीएमके के बीच गठबंधन को चल सकते हैं।
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तमिलनाडु में नैनार नागेंद्रन बीजेपी विधायक दल के नेता हैं। वे 2001 से 2006 तक अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उनका जन्म 16 अक्टूबर 1960 को वादिवेस्वरम में हुआ था। नैनार नागेंद्रन ने जे जयललिता की अगुवाई वाली एआईएडीएमके से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया और तिरुनेलवेली निर्वाचन क्षेत्र से विधायक बने। जयललिता की सरकार में वे कैबिनेट मंत्री बने और बिजली, उद्योग एवं परिवहन विभागों का कार्यभार संभाला।
2011 में जब AIADMK सत्ता में वापस आई तो नैनार नागेंद्रन को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया और जयललिता की मृत्यु के तुरंत बाद 2017 में वह पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। साल 2020 में उन्हें तमिलनाडु बीजेपी के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली और उन्होंने तिरुनेलवेली से बीजेपी के टिकट पर 2021 का विधानसभा चुनाव जीता। नैनार नागेंद्रन का विवादों से भी नाता रहा। साल 2006 में मंत्री रहते वक्त उन पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगा था।
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