---विज्ञापन---

देश angle-right

समंदर में भारत की ‘त्रिशक्ति’… चीन की हर चालाकी होगी ढेर! आजादी के बाद दूसरी बार इतिहास रचने जा रही भारतीय नौसेना

भारतीय नौसेना में इन जहाजों के शामिल होने से हिंद महासागर और तटीय क्षेत्रों में भारत की जीरो पॉलिटिक्स में धाक बढ़ने के साथ ही समुद्री सुरक्षा और ज्यादा मजबूत हो जाएगी.

---विज्ञापन---

चीन लगातार समुद्री ताकत बढ़ रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के समय चीन खुलकर भारतीय सैनिक के सामने तो नहीं आया था, लेकिन पर्दे के पीछे अपनी चालाकी जरूर दिखा रहा था. इसी चालाकी को देखते हुए भविष्य के युद्ध में खुद को तैयार करने के लिए भारतीय नौसेना अपने बेड़े में तीन नए जहाज शामिल कर रही है.

21 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता दौरे पर रहेंगे और इसी दिन भारतीय नौसेना के इतिहास में एक बड़ा कदम होगा, जब एक साथ तीन जहाजों को कमीशन किया जाएगा. आजादी के बाद यह दूसरा मौका होगा, जब एक साथ तीन जहाजों को भारतीय नौसेना में कमीशन किया जाएगा.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : कौन हैं भारतीय मूल के विभव अल्टेकर? जिनके बनाए ‘ड्रोन बोट’ ने होर्मुज में बचाई 2 अमेरिकी पायलटों की जान

तीनों जहाजों की क्या है खासियत?

आईएनएस दूनागिरी – यह प्रोजेक्ट 17A का पांचवां स्टील्थ फ्रिगेट है, जो नौसेना के सबसे बेहतर युद्धपोतों में से एक है. यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों से लैस है. इसमें आधुनिक एयर-डिफेंस सिस्टम और एंटी-सबमरीन हथियार मौजूद हैं. यह स्टील्थ तकनीक से बना है, जिससे दुश्मन के रडार इसे आसानी से नहीं पकड़ पाते.

---विज्ञापन---

आईएनएस अग्रे – यह एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट है, इसे खास तौर पर तटीय और उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता गाने, उन पर नजर रखने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है, यह अत्याधुनिक स्वदेशी सेंसर और टॉरपीडो ट्यूबों से लैस है.

यह भी पढ़ें : Merchant Navi Career: मर्चेंट नेवी में कैसे होता है सेलेक्शन हैं, कौन सी पढ़ाई जरूरी और सैलरी कितनी?

---विज्ञापन---

आईएनएस संशोधक – यह एक बड़ा हाइड्रोग्राफिक सर्वे पोत है, इसका मुख्य काम समुद्र की सतह की मैपिंग करना, नेविगेशनल चार्ट तैयार करना और अंडरवाटर खोज करना है. यह ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हिकल्स और रिमोटली आपरेटेड व्हीकल्स से लैस है.

भारतीय नौसेना में इन जहाजों के शामिल होने से हिंद महासागर और तटीय क्षेत्रों में भारत की जीरो पॉलिटिक्स में धाक बढ़ने के साथ ही समुद्री सुरक्षा और ज्यादा मजबूत हो जाएगी.

---विज्ञापन---
First published on: Jun 18, 2026 07:41 PM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola