---विज्ञापन---

देश angle-right

कोर्ट में ‘भ्रूण’ लेकर पहुंचा शख्स, कार कंपनी से मांगा 200 करोड़ का मुआवजा; HC ने लगाई फटकार

याचिकाकर्ता का दावा था कि उसने मारुति सुजुकी कंपनी में 200 करोड़ रुपये से अधिक के गबन और चोरी का खुलासा किया था. उसका आरोप है कि इसी वजह से उसके परिवार पर कार से हमला किया गया.

---विज्ञापन---

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिकाकर्ता कोर्ट रूम के भीतर एक निर्जीव ‘भ्रूण’ लेकर पहुंच गया. शख्स ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के खिलाफ 200 करोड़ रुपये के मुआवजे का दावा करते हुए आरोप लगाया कि एक कार एक्सीडेंट की वजह से उसकी पत्नी का गर्भपात हो गया था. हालांकि, हाई कोर्ट ने इस व्यवहार को ‘नाटक’ करार देते हुए याचिका खारिज कर दी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस हिमांशु जोशी ने याचिकाकर्ता की इस हरकत पर सख्त ऐतराज जताया. कोर्ट ने कहा, ‘अदालती कार्यवाही को भावनात्मक प्रदर्शन या नाटकीय आचरण का मंच नहीं बनाया जा सकता. न्याय केवल कानून और साक्ष्यों के आधार पर दिया जाता है, सहानुभूति बटोरने के लिए किए गए ऐसे कृत्यों से नहीं.’

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : देश में इस हाई कोर्ट के जज क्यों पहनते हैं अंग्रेजों की तरह लाल रंग का रोब और विग? दिलचस्प है वजह

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि मानव भ्रूण को सार्वजनिक स्थान पर इस तरह प्रदर्शित करना ‘बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016’ का उल्लंघन है.

---विज्ञापन---

याचिकाकर्ता का दावा था कि उसने मारुति सुजुकी कंपनी में 200 करोड़ रुपये से अधिक के गबन और चोरी का खुलासा किया था. उसका आरोप है कि इसी वजह से उसके परिवार पर कार से हमला किया गया, जिसमें उसकी पत्नी का गर्भपात हो गया और उसकी बड़ी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई. वह अपनी बेटी के इलाज के लिए 82 लाख रुपये और कंपनी से 200 करोड़ रुपये की वसूली की मांग कर रहा था.

यह भी पढ़ें : जबरन शादी से हुआ बच्चा तो मां के मूल धर्म से होगी पहचान, महाराष्ट्र में पेश हुआ धर्म स्वतंत्रता बिल

---विज्ञापन---

हाई कोर्ट ने याचिका को “अस्पष्ट और फर्जी” करार दिया. कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता ने अपने गंभीर आरोपों के समर्थन में कोई भी पुख्ता दस्तावेज या पुलिस शिकायत पेश नहीं की.

First published on: Mar 16, 2026 08:39 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola