Maharashtra Politics News: महाराष्ट्र के मालेगांव में राजनीति का चेहरा उस वक्त शर्मसार हो गया, जब महानगरपालिका की विशेष महासभा अचानक जंग के अखाड़े में तब्दील हो गई। सदन में जहां जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी थी, वहीं कुछ ही पलों में धक्का-मुक्की, नारेबाजी और हाथापाई हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में अहम प्रशासनिक मुद्दे SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत BLOs की मदद के लिए बेरोजगार शिक्षकों की कॉन्ट्रैक्ट नियुक्ति पर चर्चा चल रही थी।
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AIMIM और इस्लाम पार्टी के पार्षद आपस में भिड़े
बता दें कि मुद्दे पर चर्चा करते-करते बहस अचानक इतनी तीखी हो गई कि AIMIM और इस्लाम पार्टी के पार्षद आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। सामने आए वीडियो में पार्षद एक-दूसरे का कॉलर पकड़ते, धक्का देते और एक दूसरे को घसीटते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग बीच-बचाव की कोशिश करते दिखे, लेकिन माहौल इतना गरम था कि कोई आपस में भिड़ रहे लोगों को रोक नहीं सका। सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई और पूरे हाल में अफरा-तफरी मच गई।
पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी तक पहुंच गए
वहीं हंगामे के बीच मेयर नसरीन शेख लगातार पार्षदों से शांति बनाए रखने की अपील करती रहीं, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। हालात इतने बिगड़ गए कि उनके लिए सदन की व्यवस्था को संभालना मुश्किल हो गया। कहा जा रहा है कि विरोध के दौरान AIMIM के पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी तक पहुंच गए थे, जिसके बाद सत्ता पक्ष के पार्षद भी वहां जमा हो गए। फिर जो हुआ, वो बहस से आगे बढ़कर खुली भिड़ंत में बदल गया। जिसका वीडियो देखकर मजा अब लोग ले रहे हैं।
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मेयर नसरीन ने पार्षदों के रवैये को गुंडागर्दी बताया
घटना के बाद मेयर नसरीन शेख ने प्रतिक्रिया देते हुए पार्षदों के रवैये को गुंडागर्दी करार देते हुए कहा कि सदन की गरिमा को तार-तार किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा के खिलाफ है। AIMIM नेता डॉ. खालिद परवेज ने सत्ता पक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और जानबूझकर माहौल बिगाड़ा जा रहा है। फिलहाल यह मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल चुका है।
लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या जनता के मुद्दों पर चर्चा करने वाले सदन अब टकराव और मारपीट का मंच बनते जा रहे हैं? वीडियो वायरल होने के बाद मालेगांव की राजनीति और गर्मा गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस हंगामे में शामिल पार्षदों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या सदन की गरिमा बहाल हो पाएगी?
Maharashtra Politics News: महाराष्ट्र के मालेगांव में राजनीति का चेहरा उस वक्त शर्मसार हो गया, जब महानगरपालिका की विशेष महासभा अचानक जंग के अखाड़े में तब्दील हो गई। सदन में जहां जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी थी, वहीं कुछ ही पलों में धक्का-मुक्की, नारेबाजी और हाथापाई हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में अहम प्रशासनिक मुद्दे SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत BLOs की मदद के लिए बेरोजगार शिक्षकों की कॉन्ट्रैक्ट नियुक्ति पर चर्चा चल रही थी।
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AIMIM और इस्लाम पार्टी के पार्षद आपस में भिड़े
बता दें कि मुद्दे पर चर्चा करते-करते बहस अचानक इतनी तीखी हो गई कि AIMIM और इस्लाम पार्टी के पार्षद आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। सामने आए वीडियो में पार्षद एक-दूसरे का कॉलर पकड़ते, धक्का देते और एक दूसरे को घसीटते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग बीच-बचाव की कोशिश करते दिखे, लेकिन माहौल इतना गरम था कि कोई आपस में भिड़ रहे लोगों को रोक नहीं सका। सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई और पूरे हाल में अफरा-तफरी मच गई।
पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी तक पहुंच गए
वहीं हंगामे के बीच मेयर नसरीन शेख लगातार पार्षदों से शांति बनाए रखने की अपील करती रहीं, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। हालात इतने बिगड़ गए कि उनके लिए सदन की व्यवस्था को संभालना मुश्किल हो गया। कहा जा रहा है कि विरोध के दौरान AIMIM के पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी तक पहुंच गए थे, जिसके बाद सत्ता पक्ष के पार्षद भी वहां जमा हो गए। फिर जो हुआ, वो बहस से आगे बढ़कर खुली भिड़ंत में बदल गया। जिसका वीडियो देखकर मजा अब लोग ले रहे हैं।
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मेयर नसरीन ने पार्षदों के रवैये को गुंडागर्दी बताया
घटना के बाद मेयर नसरीन शेख ने प्रतिक्रिया देते हुए पार्षदों के रवैये को गुंडागर्दी करार देते हुए कहा कि सदन की गरिमा को तार-तार किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा के खिलाफ है। AIMIM नेता डॉ. खालिद परवेज ने सत्ता पक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और जानबूझकर माहौल बिगाड़ा जा रहा है। फिलहाल यह मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल चुका है।
लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या जनता के मुद्दों पर चर्चा करने वाले सदन अब टकराव और मारपीट का मंच बनते जा रहे हैं? वीडियो वायरल होने के बाद मालेगांव की राजनीति और गर्मा गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस हंगामे में शामिल पार्षदों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या सदन की गरिमा बहाल हो पाएगी?