‘कमर्शियल जहाजों पर ना हो हमला…’, ईरान के विदेश मंत्री अराघची से बोले एस. जयशंकर
S Jaishankar Talk With Seyed Abbas Araghchi: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने ईरानी काउंटरपार्ट सैयद अब्बास अरागची अहम बात करते हुए अपील की है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में चल रहे संघर्ष में नाविकों और कर्मशियल शिप को टारगेट न किया जाए.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Jul 31, 2026 21:10
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Jul 31, 2026 21:10
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Seyed Abbas Araghchi and S. Jaishankar (Photo-X)
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S Jaishankar On Iran: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार, 31 जुलाई को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची से बातचीत की और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच कमर्शियल शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में कमर्शियल जहाजों और आम नाविकों पर हमले नहीं होने चाहिए.
भारत ने की हमले की निंदा
एक्स पर एक पोस्ट में एस जयशंकर ने कहा कि भारत कमर्शियल शिपिंग पर हमलों की निंदा करता है, चाहे इसमें कोई भी पक्ष शामिल हो. उन्होंने क्षेत्र में जारी तनाव पर भारत की गहरी चिंता भी जताई और बातचीत और कूटनीति के जरिए तनाव को सुलझाने की अहमियत पर जोर दिया.
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Had a tele-conversation with FM @araghchi of Iran this evening. Conveyed our deep concerns at the ongoing hostilities in the region.
Strongly urged that attacks on commercial shipping and seafarers be avoided under any circumstance. India condemns any such attack by any party.…
विदेश मंत्री एस जयशंकर के मुताबिक, सैयद अब्बास अरागची ने मौजूदा हालात और चल रही कूटनीतिक कोशिशों पर ईरान का नजरिया साझा किया. जयशंकर ने फिर कहा कि भारत क्षेत्रीय विवादों को सुलझाने के सबसे अच्छे तरीके के तौर पर हमेशा शांतिपूर्ण बातचीत का समर्थन करता है.
भारतीय नागरिकों पर असर
इस संघर्ष का क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नागरिकों पर काफी असर पड़ा है. सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि 2026 में हिंसा बढ़ने के बाद से, मिडिल ईस्ट के कई देशों में 10 नाविकों समेत 16 भारतीय नागरिकों की जान गई है. इसके अलावा, संघर्ष से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 75 भारतीयों के घायल होने की भी खबर है.
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पीएम मोदी ने दिए निर्देश
बीते गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की मीटिंह में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई. समिति ने संघर्ष वाले इलाकों में चल रहे घरेलू और विदेशी झंडे वाले जहाजों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा की समीक्षा की. प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को नाविकों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी, इमरजेंसी असिस्टेंस और काउंसलिंग सेवाएं देने के लिए एक खास सिस्टम बनाने का निर्देश दिया.
G7 समिट पीएम मोदी की बात
इससे पहले एवियन में G7 समिट को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अहमित पर जोर दिया था. उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावटों ने ग्लोबल इकॉनमी को अफेक्ट किया है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया ताकि कमर्शियल शिपिंग बिना किसी डर या रुकावट के जारी रह सके.