Business Advisory Committee Meeting: संसद का मानसून सत्र कल से शुरू होने जा रहा है. सत्र की पूर्व संध्या पर आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और सत्र के दौरान होने वाले विधायी कार्यों पर विस्तार से चर्चा की. बैठक का सबसे बड़ा नतीजा यह रहा कि सत्र के दौरान पेश होने वाले 6 प्रमुख और बड़े विधेयकों पर चर्चा के लिए समय का आवंटन तय कर दिया गया है. विभिन्न दलों के सदस्यों ने भी सदन में चर्चा के लिए कई महत्वपूर्ण और जरूरी मुद्दे सुझाए, जिन्हें समिति ने संज्ञान में लिया है.
लोकसभा अध्यक्ष की खास अपील
सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने उच्चतम संसदीय परंपराओं के पालन पर जोर दिया. उन्होंने सभी दलों के सदस्यों से अपील की कि वे रचनात्मक चर्चा और सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करें. अध्यक्ष ने साफ कहा कि अगर सभी दलों का पूर्ण सहयोग मिलेगा, तभी सदन सुचारू रूप से चल सकेगा और देश की जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों पर एक व्यापक और ठोस चर्चा हो पाएगी.
इन 6 बड़े बिलों पर इतनी देर होगी चर्चा
- विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक: इस बिल पर लोकसभा में 4 घंटे तक चर्चा होगी. सरकार का कहना है कि इसका मकसद देश में आने वाले विदेशी चंदे और ग्रांट में पारदर्शिता को और ज्यादा बढ़ाना है.
- आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक एक अध्यादेश की जगह लेगा, जिसके लिए 4 घंटे का समय तय हुआ है. इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी निवेश को आकर्षित करना और भारत के सॉवरेन डेट मार्केट को मजबूत करना है.
- उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026: इस बेहद अहम बिल पर भी 4 घंटे बहस होगी. इसके तहत सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाने के लिए चीफ जस्टिस को छोड़कर जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है.
- राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026: राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय सम्मान (जैसे वंदे मातरम) का अपमान करने वालों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधानों को और सख्त करने वाले इस बिल पर 4 घंटे चर्चा होगी.
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026: देर से होने वाले जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सख्त और व्यवस्थित बनाने के लिए लाए जा रहे इस विधेयक पर भी 4 घंटे का समय तय किया गया है.
- MSME विकास (संशोधन) विधेयक, 2026: छोटे और मध्यम उद्योगों से जुड़े इस बिल पर सबसे ज्यादा 5 घंटे तक चर्चा होगी. इसका लक्ष्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना और छोटे व्यापारियों के बकाया भुगतान की व्यवस्था को मजबूत करना है.
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