Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

देश

क्या लिव-इन पार्टनर को मिलेगा दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने का हक? सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

सुप्रीम कोर्ट में लिव-इन से संबंधित एक मामला पहुंचा है। एक लिव इन पार्टनर ने अपने प्रेमी पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। जबकि हिंदू विवाह में ये अधिकार केवल पत्नी को ही है। हिंदू विवाह अधिनियम लिव इन रिलेशन को पत्नी नहीं मनाता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

Author
Edited By : Raghav Tiwari Updated: Feb 14, 2026 12:31

बेंगलुरु का लिव-इन का एक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। लिव-इन में रह रही पार्टनर ने पुरुष पार्टनर पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया। जबकि कानून के हिसाब से हिंदू धर्म में एक पत्नी हो सकती है। वही पति और उसके परिजनों पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा सकती है। मामले में जज संजय करोल और जज एन के सिंह की पीठ ने डॉ लोकेश बीएच की याचिका पर सुनवाई की।

बता दें कि बेंगलुरु के लोकेश ने फरवरी 2000 में नवीना से शादी की थी। आरोप है कि इसके बाद साल 2010 में लोकेश ने तीर्थ नामक महिला से भी शादी की। कानूनी रूप से यह अवैध है। तीर्थ ने साल 2016 में दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया। साथ ही लोकेश पर जलाने के प्रयास का आरोप भी लगा। मामले में तीर्थ ने घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज कराया।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: ‘अरावली से कोई छेड़छाड़ नहीं…’ CJI सूर्यकांत ने जंगल सफारी प्रोजेक्ट को गलत ठहराते हुए कर दिया रिजेक्ट

मामले में आरोपी लोकेश ने कहा कि तीर्थ से उनका कोई कानूनी वैवाहिक संबंध नहीं है। लोकेश ने बेंगलुरु की एक पारिवारिक अदालत में मुकदमा भी दर्ज किया। साथ ही यह साबित किया गया कि कथित घटना के दिन लोकेश अस्पताल में ड्यूटी पर थे। कर्नाटक हाई कोर्ट ने लोकेश की याचिका खारिज कर दी। याचिका में लोकेश ने अपने खिलाफ चल रही कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी।

---विज्ञापन---

अब सवाल उठता है कि क्या एक महिला किसी विवाहित व्यक्ति के साथ लिव-इन में है और उसकी वैधानिक पत्नी जीवित है तो क्या लिव-इन पार्टनर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कर सकती है? क्या हाई कोर्ट के रवैया से यह लीगल लगने लगा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसपर ब्रेक लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में गंभीरता से विचार करने का फैसला किया है। अभी तक कानूनी रूप से हिंदू विवाह अधिनियम के तहत केवल एक पत्नी ही अपने पति या उसके रिश्तेदारों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी को सहयोग करने के लिए कहा। साथ ही कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता नीना नरिमन को ‘एमिकस क्यूरी’ (अदालत का मित्र) नियुक्त किया है।

यह भी पढ़ें: सोनम वांगचुक से क्या था खतरा? सरकार ने SC में बताई हिरासत में लेने की वजह; कल फिर सुनवाई

First published on: Feb 14, 2026 07:49 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.