संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से फोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं के बीच बातचीत का मुख्य मुद्दा परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक रहा. सूत्रों के मुताबिक, रिजिजू ने राहुल गांधी से कहा कि परिसीमन बिल पर समर्थन मिलने से महिला आरक्षण विधेयक लागू करने का रास्ता आसान होगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर महिला आरक्षण लागू नहीं हुआ तो महिला समाज में नाराजगी बढ़ सकती है.
संसद के मानसून सत्र में किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच यह तीसरी बार बातचीत हुई है.
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राहुल गांधी ने क्या दिया जवाब?
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने रिजिजू से कहा कि वह पहले कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे. राहुल गांधी ने कहा कि इस विषय पर ऑल पार्टी मीटिंग में भी विस्तार से चर्चा होगी. सहयोगी दलों से बातचीत के बाद कांग्रेस सरकार को अपना रुख बताएगी.
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने के पक्ष में नहीं है. सरकार ने कहा कि अगर राहुल गांधी पहले यह आश्वासन दें कि वह सभी दलों के सामने हां बोलेंगे, तभी सर्वदलीय बैठक बुलाने पर विचार किया जा सकता है. सरकार का कहना था कि बिना ऐसे आश्वासन के सर्वदलीय बैठक बुलाने का औचित्य नहीं है, क्योंकि पहले ही सरकार - सभी दलों से बातचीत कर चुकी है.
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सरकार के सूत्रों के मुताबिक, बिल पास कराने के लिए संख्या पूरी है लेकिन कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है इसलिए कांग्रेस को भी साथ लाना चाहते हैं.
रिजिजू ने क्या बताया?
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए किरेन रिजिजू ने बताया, 'राहुल गांधी से मेरी अच्छी बात हुई. हम तो चाहते हैं कि कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों से हम लगातार बात करते रहें, मिलकर काम करें. हम एक दूसरे के विरोधी हैं, दुश्मन तो नहीं हैं. देश हित में सब मिलकर काम करें, लेकिन बाहर ऐसा चित्र दिखाते हैं कि हम संसद चलने ही नहीं देंगे, तो इसका नुकसान किसका होगा.'