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Kerala Exit Polls 2026: एग्जिट पोल में कांग्रेस गठबंधन की बड़ी बढ़त, देखें सबसे सटीक आंकड़े

Kerala Exit Polls 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के नतीजे सामने आने लग हैं. आंकड़ों ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है.

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Written By: Raja Alam Updated: Apr 29, 2026 19:05

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल ने सबको चौंका दिया है. एक्सिस माय इंडिया के सर्वे के मुताबिक इस बार विपक्षी यूडीएफ (UDF) गठबंधन को 78 से 90 सीटें मिलने का अनुमान है. इसका मतलब है कि केरल में एक बार फिर पुरानी परंपरा लौट सकती है जिसमें हर पांच साल में सरकार बदल जाती है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने जीत की हैट्रिक लगाने के लिए पूरी ताकत झोंकी थी लेकिन एग्जिट पोल के आंकड़े फिलहाल कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन के पक्ष में झुकते नजर आ रहे हैं.

वोटिंग के आंकड़ों ने तोड़ा 5 दशक का रिकॉर्ड

इस बार केरल की जनता ने लोकतंत्र के उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है जिससे वोटिंग के पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं. राज्य की सभी 140 सीटों पर हुए मतदान में इस बार 78.27 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है जो साल 1977 के बाद अब तक का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है. खास बात यह है कि इस बार महिलाओं ने भी भारी संख्या में मतदान किया है जिससे राजनीतिक पंडित हैरान हैं. इतिहास गवाह है कि जब भी भारी मतदान होता है तो वह सत्ता विरोधी लहर का संकेत हो सकता है और एग्जिट पोल के नतीजे भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं.

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यह भी पढ़ें: Assam Exit Poll Results 2026: असम में बीजेपी की हैट्रिक, एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में 100 सीटों का अनुमान

2021 के ऐतिहासिक नतीजों की यादें हुई ताजा

पिछले यानी 2021 के चुनाव में वामपंथी गठबंधन (LDF) ने 99 सीटें जीतकर इतिहास रचा था और चार दशक पुराने रिवाज को बदल दिया था. तब कांग्रेस के यूडीएफ को केवल 41 सीटों पर संतोष करना पड़ा था और बीजेपी का खाता भी नहीं खुल पाया था. लेकिन 2026 के एग्जिट पोल बताते हैं कि जनता का मूड इस बार फिर से बदलाव की ओर है. वामपंथियों के लिए अपनी सत्ता बचाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि कांग्रेस ने इस बार स्थानीय मुद्दों और बदलाव की मांग को हवा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.

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4 मई को होगा असली किस्मत का फैसला

एग्जिट पोल के ये आंकड़े भले ही कांग्रेस गठबंधन के लिए खुशियां लेकर आए हों लेकिन असली फैसला 4 मई को मतगणना के दिन होगा. केरल की जागरूक जनता ने जो फैसला मतपेटियों में बंद किया है वह राज्य के अगले पांच साल का भविष्य तय करेगा. क्या एलडीएफ अपनी सत्ता बरकरार रख पाएगा या यूडीएफ फिर से वापसी करेगा यह देखना दिलचस्प होगा. बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए भी इस बार कुछ सीटों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश में है जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है और नतीजे किसी को भी हैरान कर सकते हैं.

First published on: Apr 29, 2026 06:46 PM

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