What is Karti Chidambaram Chinese Visa Case in Hindi: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कार्ति चिदंबरम को आरोपी के रूप में समन जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें 5 अप्रैल को पेश होने का निर्देश्स दिया है। ये पूरा मामला चीनी वीजा से जुड़ा है। आइए जानते हैं कि कार्ति चिदंबरम के खिलाफ क्या आरोप हैं और चीनी वीजा से जुड़ा मामला क्या है...
क्या है चीनी वीजा मामला?
दरअसल, ये मामला 2011 का है। जब चीन के 263 नागरिकों को गैरकानूनी तरीक से वीजा जारी करने में घोटाला सामने आया था। आरोपों के अनुसार, कार्ति ने पंजाब में एक बिजली परियोजना पर काम करने के लिए चीन के 263 नागरिकों को वीजा दिलाए गए थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस केस से जुड़े आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी। उस समय कार्ति के पिता पी. चिदंबरम यूपीए के नेतृत्व वाली सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री थे।
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50 लाख रुपये की रिश्वत
हालांकि ईडी ने रिश्वत की राशि का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सीबीआई ने इस मामले में 50 लाख रुपये की राशि मिलने की बात कही थी। इस मामले में कार्ति चिदंबरम के साथ ही उनके पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट एस भास्कररमन और कुछ कंपनियों के प्रतिनिधियों को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है।
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शिवगंगा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद
कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु के शिवगंगा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं। हालांकि इससे पहले कार्ति ने सीबीआई और ईडी की जांच को भटकाने वाली बताया था। उन्होंने ये तक कहा था कि सीबीआई ने इस मामले को व्यवहारिक रूप से बंद कर दिया था, लेकिन ईडी उन्हें फिर से फंसाना चाहती है। उनका कहना था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। इसे सिर्फ एक 'मछली पकड़ने' वाली जांच कहा जा सकता है।
ये भी पढ़ें: क्या हार के डर से कर दिया चुनाव लड़ने से इनकार? कांग्रेस उम्मीदवार रोहन गुप्ता ने दिया ये जवाब
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क्या है चीनी वीजा मामला?
दरअसल, ये मामला 2011 का है। जब चीन के 263 नागरिकों को गैरकानूनी तरीक से वीजा जारी करने में घोटाला सामने आया था। आरोपों के अनुसार, कार्ति ने पंजाब में एक बिजली परियोजना पर काम करने के लिए चीन के 263 नागरिकों को वीजा दिलाए गए थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस केस से जुड़े आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी। उस समय कार्ति के पिता पी. चिदंबरम यूपीए के नेतृत्व वाली सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री थे।
50 लाख रुपये की रिश्वत
हालांकि ईडी ने रिश्वत की राशि का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सीबीआई ने इस मामले में 50 लाख रुपये की राशि मिलने की बात कही थी। इस मामले में कार्ति चिदंबरम के साथ ही उनके पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट एस भास्कररमन और कुछ कंपनियों के प्रतिनिधियों को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है।
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शिवगंगा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद
कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु के शिवगंगा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं। हालांकि इससे पहले कार्ति ने सीबीआई और ईडी की जांच को भटकाने वाली बताया था। उन्होंने ये तक कहा था कि सीबीआई ने इस मामले को व्यवहारिक रूप से बंद कर दिया था, लेकिन ईडी उन्हें फिर से फंसाना चाहती है। उनका कहना था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। इसे सिर्फ एक ‘मछली पकड़ने’ वाली जांच कहा जा सकता है।
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