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कौन था सुरेंद्र कोली? जिसने निठारी कांड में रिहाई के बाद किया सुसाइड; पहले मिली सजा-ए-मौत, फिर उम्रकैद और रिहाई

निठारी कांड से बरी होने के करीब एक साल बाद सुरेंद्र कोली ने 18 सितंबर को आत्महत्या कर ली. रिहाई के बाद से वो उत्तराखंड के हरिद्वार में रह रहा था और चाय बेचता था.

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निठारी कांड से बरी होने के करीब एक साल बाद सुरेंद्र कोली ने 18 सितंबर को आत्महत्या कर ली. रिहाई के बाद से वो उत्तराखंड के हरिद्वार में रह रहा था और चाय बेचता था. शुक्रवार को कोली ने उसी दुकान में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. करीब 19 साल तक जेल की सलाखों के पीछे रहने के बाद कोली की रिहाई हुई और अब एक साल बाद उनकी आत्महत्या ने फिर से निठारी कांड को सुर्खियों में ला दिया है.

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क्या है निठारी कांड?

दरअसल, 29 दिसंबर 2006 को नोएडा के निठारी गांव में आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे एक नाले से आठ बच्चों के कंकाल मिले थे. पुलिस ने मामले में सुरेंद्र कोली और घर के मालिक मोनिंदर पंढेर को गिरफ्तार किया था. सुरेंद्र कोली मोनिंदर का केयर टेकर था. उस दौरान दोनों पर ही बच्चों की हत्या का आरोप लगा था. गौतमबुद्ध नगर पुलिस की जांच के 10 दिन बाद मामला CBI को ट्रांसफर किया गया था. एक महीने तक कस्टडी में रखने के बाद भी पुलिस और फॉरेंसिक टीम कुछ ठोस सबूत नहीं जुटा पाई.

कब-कब मिली सजा?

पुलिस ने जांच प्रक्रिया में कई तरह की लापरवाही की. आरोपियों की मेडिकल जांच तक नहीं की गई. मोनिंदर सिंह ने कोठी में बाथरूम के अलावा किसी भी कपड़े पर खून के धब्बे नहीं मिले, जिससे ये साबित हो सकें कि बच्चों की हत्या पंढेर की कोठी के अंदर हुई. CBI स्पेशल कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को निठारी गांव की 15 साल की नाबालिग लड़की के रेप और हत्या के लिए दोषी करार दिया. फरवरी 2011 में कोर्ट ने उसकी सजा बरकरार रखी. 2014 में उनकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी गई. जनवरी 2015 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उसकी दया याचिका पर फैसले में ज्यादा देरी की वजह से उसकी सजा-ए-मौत को उम्रकैद में बदल दिया था. 17 अक्टूबर 2023 में इलाहबाद हाई कोर्ट ने निठारी के पंढेर को बरी कर दिया था. जिसके बाद नवंबर 2025 में सुरेंद्र कोली को भी रिहाई मिल गया.

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First published on: Sep 18, 2026 04:14 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.

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