Today History 25 February Jawaharlal Nehru PM Modi: आज 25 फरवरी है। आज के ही दिन 1962 में पंडित जवाहरलाल नेहरू लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुने गए। नरेंद्र मोदी भी दो बार पीएम बन चुके हैं। वे 2014 और 2019 में प्रधानमंत्री चुने गए। अब उनकी कोशिश तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पीएम मोदी आने वाले दिनों में पंडित नेहरू के रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे या नहीं। आइए, इस बारे में विस्तार से जानते हैं...
1962 के आम चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं?
तीसरी लोकसभा के लिए 19 से 25 फरवरी के बीच आम चुनाव हुआ। इस चुनाव में
कांग्रेस को कुल 508 सीटों में से 361 सीटें मिलीं। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 29, स्वतंत्र पार्टी को 18, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी को 12, भारतीय जनसंघ को 14, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया को 3, सोशलिस्ट पार्टी को 6. डीएमके को 7, शिरोमणि अकाली दल को 3, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक को 2 और हिंदू महासभा को एक सीटें मिली थीं।
https://twitter.com/_mkverma/status/1497236372293251072
1962 के चुनाव में कितने निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली?
इसके अलावा, अखिल भारतीय रामराज्य परिषद को 2, रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी को 2, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 2, अखिल भारतीय गणतंत्र परिषद को 4, लोक सेवक संघ को 2, नूतन महा गुजरात जनता परिषद, हरियाणा लोक समिति, ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस को एक-एक सीटें मिली थीं। चुनाव में 20 निर्दलीय उम्मीदवार भी जीत हासिल करने में कामयाब रहे। बता दें कि 494 सीटों पर चुनाव हुआ था, जबकि 14 सदस्य नियुक्त किए गए थे। इस तरह लोकसभा में कुल 508 सदस्य थे।
कांग्रेस को कितने वोट मिले?
कांग्रेस को 1962 के आम चुनाव में 5 करोड़ 15 लाख 9 हजार 84 यानी 44.72 प्रतिशत वोट मिले। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 14 लाख 50 हजार 37 यानी 9.94 प्रतिशत वोट मिले। भारतीय जनसंघ को 74 लाख 15 हजार 170 यानी 6.44 प्रतिशत वोट मिले।
https://twitter.com/jnmfsm/status/1761601163508732229
जवाहलाल नेहरू कहां से सांसद चुने गए?
जवाहरलाल नेहरू उत्तर प्रदेश की फूलपुर सीट से निर्वाचित हुए थे। उन्होंने राम मनोहर लोहिया को 64 हजार 571 वोटों से हराया था। नेहरू को 1 लाख 18 हजार 931 यानी 61.62 वोट मिले, जबकि राम मनोहर लोहिया को 54360 यानी 28.17 प्रतिशत वोट मिले।
https://twitter.com/_nehruvian/status/1761300345203065197
जवाहलाल नेहरू कब से कब तक प्रधानमंत्री रहे?
जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान वे तीन बार पीएम बने। नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने लगातार 1952, 1957 और 1962 के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी। उनके बाद गुलजारी लाल नंदा कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने।
यह भी पढ़ें: 15 साल की उम्र से फिल्मों में काम करना किया शुरू, बाद में बनीं 6 बार CM; कौन थी वह महिला?
पीएम मोदी तोड़ पाएंगे रिकॉर्ड?
पीएम मोदी लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री चुने गए हैं। अब उनकी नजर लगातार तीसरे कार्यकाल पर है। ऐसे में उनकी नजर नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी पर टिकी हुई है। अगर वे चौथी बार भी 2029 में चुनाव जीत जाएंगे तो वे लगातार चौथी बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता होंगे। मोदी को 2014 और 2019 में
भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री चुना गया।
https://twitter.com/modiarchive/status/1761235627213729957
2014 और 2019 में कैसा रहा बीजेपी-कांग्रेस का प्रदर्शन?
बता दें कि 2019 में बीजेपी को 303 और एनडीए को 353 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को 44 और उसके नेतृत्व वाले यूपीए को 92 सीट मिली। इससे पहले, 2014 में बीजेपी को 282 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस महज 44 सीट ही जीत पाई। वहीं, एनडीए की बात करें तो उसे 303 सीटों पर जीत मिली, जबकि यूपीए को 52 सीटों से संतोष करना पड़ा।
नेहरू का निधन कब हुआ?
नेहरू का 27 मई 1964 को निधन हुआ। उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई। नेहरू ने डिस्कवरी ऑफ इंडिया जैसी किताब की रचना भी की। उन्हें प्यार से बच्चे चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे। उनके जन्मदिन 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
https://twitter.com/IndiaHistorypic/status/1759177143765135762
यह भी पढ़ें: यह कैसा विपक्षी गठबंधन? जब राजनीतिक दलों के सुर हैं अलग-अलग
Today History 25 February Jawaharlal Nehru PM Modi: आज 25 फरवरी है। आज के ही दिन 1962 में पंडित जवाहरलाल नेहरू लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुने गए। नरेंद्र मोदी भी दो बार पीएम बन चुके हैं। वे 2014 और 2019 में प्रधानमंत्री चुने गए। अब उनकी कोशिश तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पीएम मोदी आने वाले दिनों में पंडित नेहरू के रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे या नहीं। आइए, इस बारे में विस्तार से जानते हैं…
1962 के आम चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं?
तीसरी लोकसभा के लिए 19 से 25 फरवरी के बीच आम चुनाव हुआ। इस चुनाव में कांग्रेस को कुल 508 सीटों में से 361 सीटें मिलीं। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 29, स्वतंत्र पार्टी को 18, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी को 12, भारतीय जनसंघ को 14, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया को 3, सोशलिस्ट पार्टी को 6. डीएमके को 7, शिरोमणि अकाली दल को 3, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक को 2 और हिंदू महासभा को एक सीटें मिली थीं।
1962 के चुनाव में कितने निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली?
इसके अलावा, अखिल भारतीय रामराज्य परिषद को 2, रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी को 2, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 2, अखिल भारतीय गणतंत्र परिषद को 4, लोक सेवक संघ को 2, नूतन महा गुजरात जनता परिषद, हरियाणा लोक समिति, ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस को एक-एक सीटें मिली थीं। चुनाव में 20 निर्दलीय उम्मीदवार भी जीत हासिल करने में कामयाब रहे। बता दें कि 494 सीटों पर चुनाव हुआ था, जबकि 14 सदस्य नियुक्त किए गए थे। इस तरह लोकसभा में कुल 508 सदस्य थे।
कांग्रेस को कितने वोट मिले?
कांग्रेस को 1962 के आम चुनाव में 5 करोड़ 15 लाख 9 हजार 84 यानी 44.72 प्रतिशत वोट मिले। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 14 लाख 50 हजार 37 यानी 9.94 प्रतिशत वोट मिले। भारतीय जनसंघ को 74 लाख 15 हजार 170 यानी 6.44 प्रतिशत वोट मिले।
जवाहलाल नेहरू कहां से सांसद चुने गए?
जवाहरलाल नेहरू उत्तर प्रदेश की फूलपुर सीट से निर्वाचित हुए थे। उन्होंने राम मनोहर लोहिया को 64 हजार 571 वोटों से हराया था। नेहरू को 1 लाख 18 हजार 931 यानी 61.62 वोट मिले, जबकि राम मनोहर लोहिया को 54360 यानी 28.17 प्रतिशत वोट मिले।
जवाहलाल नेहरू कब से कब तक प्रधानमंत्री रहे?
जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान वे तीन बार पीएम बने। नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने लगातार 1952, 1957 और 1962 के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी। उनके बाद गुलजारी लाल नंदा कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने।
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पीएम मोदी तोड़ पाएंगे रिकॉर्ड?
पीएम मोदी लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री चुने गए हैं। अब उनकी नजर लगातार तीसरे कार्यकाल पर है। ऐसे में उनकी नजर नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी पर टिकी हुई है। अगर वे चौथी बार भी 2029 में चुनाव जीत जाएंगे तो वे लगातार चौथी बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता होंगे। मोदी को 2014 और 2019 में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री चुना गया।
2014 और 2019 में कैसा रहा बीजेपी-कांग्रेस का प्रदर्शन?
बता दें कि 2019 में बीजेपी को 303 और एनडीए को 353 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को 44 और उसके नेतृत्व वाले यूपीए को 92 सीट मिली। इससे पहले, 2014 में बीजेपी को 282 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस महज 44 सीट ही जीत पाई। वहीं, एनडीए की बात करें तो उसे 303 सीटों पर जीत मिली, जबकि यूपीए को 52 सीटों से संतोष करना पड़ा।
नेहरू का निधन कब हुआ?
नेहरू का 27 मई 1964 को निधन हुआ। उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई। नेहरू ने डिस्कवरी ऑफ इंडिया जैसी किताब की रचना भी की। उन्हें प्यार से बच्चे चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे। उनके जन्मदिन 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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