Jawahar Point Chandrayaan-1: पीएम मोदी के शिवशक्ति प्वाइंट नामकरण के बाद चर्चा में आया जवाहर प्वाइंट, जानें वजह
Edited By Rakesh Choudhary

Chandrayaan-3 Vikram Lander and Pragyan Rover
Edited By Rakesh Choudhary

Chandrayaan-3 Vikram Lander and Pragyan Rover
Jawahar Point Chandrayaan-1: पीएम मोदी ने शनिवार को बेंगलुरु स्थित इसरो मुख्यालय पर वैज्ञानिकों को संबोधित किया। इस दौरान उन्हाेंने तीन बड़ी घोषणाएं की। पहली- भारत 23 अगस्त को हर साल ‘नेशनल स्पेस डे’ मनाएगा। दूसरी- चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर जिस जगह उतरा, वह स्थान अब ‘शिवशक्ति’ प्वाइंट कहलाएगा। तीसरी- चंद्रयान-3 के पद चिन्ह को ‘तिरंगा’ नाम से जाना जाएगा।
उनके संबोधन के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक और शब्द लगातार ट्रेंड कर रहा है। वह है जवाहर प्वाइंट। इसको लेकर यह बहस छिड़ी है कि इसका नामकरण कैसे हुआ? इसका संबंध चंद्रयान-1 से है। बता दें कि चंद्रयान-1 कांग्रेस सरकार के शासनकाल में 2008 में लाॅन्च किया गया था। जवाहर प्वाइंट का नामकरण को लेकर फिलहाल सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है।
जवाहर प्वाइंट का ताल्लुक चंद्रयान-1 से है। भारत में मून पर अपना पहला मिशन 22 अक्टूबर 2008 को लाॅन्च किया था। लेकिन चांद पर पहुंचने से करीब 100 किमी. पहले ही चंद्रयान-1 कै्रश कर गया। उसकी क्रैश लैंडिंग साउथ पोल पर हुई थी। जिस उसकी क्रैश लैंडिंग हुई वह दिन 14 नवंबर था। सभी जानते हैं कि इस दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जन्म जंयती मनाई जाती है। इसलिए चंद्रयान-1 की लाॅन्चिंग साइट का नाम जवाहर प्वाइंट रख दिया गया।
पीएम मोदी के चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट का नाम शिवशक्ति प्वाइंट का नाम भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट करते हुए कहा कि पहले भारत बनाम परिवार। उन्होंने लिखा कि चंद्रयान-1 के लैंडिंग या इंपेक्ट प्वाइंट को जवाहर प्वाइंट नाम दिया गया। वहीं चंद्रयान-2 के लैंडिंग प्वाइंट को तिरंगा प्वाइंट और चंद्रयान-3 के लैंडिंग प्वाइंट को शिवशक्ति प्वाइंट कहा जाता है।
Anti Hindu Congress has problem with impact point being named as Shiv Shakti point but it was ok when impact point was named after Jawahar point
This is the mindset of Congress
Family first not Nation First https://t.co/oDHeauJPQD pic.twitter.com/YykE3s9UBU
— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) August 26, 2023
पूनवाला ने लिखा कि विक्रम लैंडर को साराभाई के नाम पर नामकरण किया गया। उन्होंने कहा कि अगर यूपीए की सरकार होती तो आज चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 लाॅन्च ही नहीं होता। उनके इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बीजेपी और कांग्रेस नेताओं में के्रडिट लेने की होड़ ही मच गई। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि पीएम मोदी को चांद की सतह का नाम रखने का अधिकार किसने दिया?
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