---विज्ञापन---

देश angle-right

जम्मू-कश्मीर में फटा बादल, 3 लोगों की मौत; रामबन में लैंडस्लाइड के बाद कई वाहन क्षतिग्रस्त

Jammu-Kashmir Cloud Burst: जम्मू-कश्मीर में तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। यहां पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण रामबन जिले के बनिहाल इलाके में कई जगह लैंडस्लाइड घटनाएं हुई हैं। वहीं, बागना इलाके में बादल फटने से 3 लोगों की मौत हो गई है।

---विज्ञापन---

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। अचानक आई तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस बार मौसम की मार सबसे ज्यादा रामबन, राजौरी, जम्मू और उधमपुर में पड़ी है। राजौरी के कालाकोट उप-जिले में गुरुवार शाम को तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश ने तबाही मचाई, जिससे दर्जनों परिवार बेघर हो गए और संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में तहसील कालाकोट और मोगला ब्लॉक शामिल हैं, जहां तेज हवाओं ने इलाके को तहस-नहस कर दिया। वहीं, रामबन जिले के सेरी बागना इलाके में रविवार सुबह बारिश के बाद बादल फटने से 3 लोगों की मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे पहाड़ का मलबा गांव की तरफ आ गया और इसकी चपेट में कई लोग और घर आ गए।

कई जगह लैंडस्लाइड घटनाएं

भारी बारिश के कारण अचानक हुए लैंडस्लाइड ने रामबन जिले के धर्मकुंड में चिनाब नदी के पास एक गांव को अपनी चपेट में ले लिया। इसमें 10 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए और 25-30 घर आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। धर्मकुंड पुलिस ने करीब 90-100 लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया है। वहीं, रामबन जिले के बनिहाल इलाके में कई जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं। इसकी वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे को बंद कर दिया गया है। हाइवे पर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। साथ ही किश्तवाड़-पद्दर मार्ग को भी बंद कर दिया गया है। यहां वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भारी बारिश और ओलावृष्टि का कहर, कालाकोट में दर्जनों परिवार बेघर, बिजली आपूर्ति ठप

अधिकारियों ने की ये अपील

अधिकारियों ने लोगों से मौसम साफ होने के बाद ही हाइवे पर सफर करने की अपील की है। एक अधिकारी ने कहा, ‘हम सड़क को साफ करने और फंसे हुए यात्रियों की मदद करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सड़क को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।’ लैंडस्लाइड के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिसमें पहाड़ से मलबा गिरते देखा जा सकता है। कुछ इलाकों में पहाड़ का मलबा सड़कों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है।

---विज्ञापन---

 ‘हर संभव मदद दी जा रही है’

केंद्रीय मंत्री और उधमपुर से भाजपा सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए घटना की जानकारी देते हुए कहा कि मैं डिप्टी कमिश्नर के साथ लगातार संपर्क में हूं। उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘रामबन और आसपास के इलाकों में रात भर भारी ओलावृष्टि, कई जगह भूस्खलन हुआ है और तेज हवाएं चलीं हैं। जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है और दुर्भाग्य से 3 लोगों की मौत हो गई है और कुछ परिवारों की संपत्ति को नुकसान हुआ है। मैं डिप्टी कमिश्नर बसीर-उल-हक चौधरी के साथ लगातार संपर्क में हूं। समय पर और त्वरित कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की सराहना करता हूं, जिससे कई कीमती जानें बच गईं।’ उन्होंने कहा कि हर संभव मदद दी जा रही है। डीसी को बताया गया है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे निजी संसाधनों से भी मदद करेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं। हम सब मिलकर इस प्राकृतिक आपदा से निपटेंगे।

---विज्ञापन---

First published on: Apr 20, 2025 12:17 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola