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भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया, 200–350 मिलियन डॉलर की डील पक्की!

इंडोनेशिया ने अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने का फैसला किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये डील करीब 200 से 350 मिलियन डॉलर के बीच हो सकती है.

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Edited By : Varsha Sikri Updated: Mar 9, 2026 20:25
Indonesia to Buy BrahMos Missiles from India
Credit: Social Media

दक्षिण-पूर्व एशिया में डिफेंस सपोर्ट को नई दिशा देते हुए इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने का फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डील की कीमत लगभग 200 से 350 मिलियन डॉलर (करीब 1600 से 2900 करोड़ रुपये) के बीच हो सकती है. इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि देश ने भारत के साथ ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम हासिल करने के लिए समझौता किया है. ये कदम इंडोनेशिया की सैन्य क्षमता को आधुनिक बनाने और खासकर समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

समुद्री सुरक्षा बढ़ाने पर जोर

इंडोनेशिया एक विशाल द्वीपीय देश है और उसकी सुरक्षा का बड़ा हिस्सा समुद्री सीमाओं से जुड़ा हुआ है. ऐसे में एड्वांस मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला उसकी रक्षा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है. ब्रह्मोस मिसाइल को तटीय रक्षा, जहाजों और बाकी प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे समुद्री इलाके में दुश्मन के जहाजों को निशाना बनाना आसान हो जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये समझौता इंडोनेशिया के सैन्य आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है, जिसका मकसद क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटना है.

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क्या है ब्रह्मोस मिसाइल

ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है. इसे भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित किया गया है. ये मिसाइल जमीन, समुद्र और हवा तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है और अपनी तेज स्पीड और सटीकता के लिए जानी जाती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रह्मोस की हाई स्पीड की वजह से इसे इंटरसेप्ट करना बेहद मुश्किल होता है. यही वजह है कि कई देश इस मिसाइल सिस्टम में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. भारत ने 2022 में पहली बार ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात फिलीपींस को किया था. ये सौदा भारत के रक्षा निर्यात के लिए बड़ा कदम माना गया था. इंडोनेशिया के साथ संभावित समझौता होने पर ये भारत के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया में दूसरा बड़ा रक्षा निर्यात बन सकता है. भारत पिछले कुछ सालों में अपने रक्षा निर्यात को तेजी से बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. इंडोनेशिया के साथ ये डील न सिर्फ आर्थिक तौर से खास है, बल्कि इंडो-पैसिफिक इलाके में रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करेगी.

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First published on: Mar 09, 2026 08:25 PM

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