IMF क्या, कैसे करता है वित्तीय सहायता? भारत ने बड़ा दांव चल ऐसे तोड़ी पाकिस्तान की कमर!

पूरी दुनिया में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान घिरता जा रहा है। इसे लेकर भारत भी आक्रमक है और उसके खिलाफ डिप्लोमैटिक स्ट्राइक की। अब भारत बड़ा दांव चलकर पाकिस्तान की कमर तोड़ देगा।

IMF

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव गहराता जा रहा है। पहले से कंगाल पाकिस्तान का आर्थिक संकट और बढ़ गया है, क्योंकि भारत ने उसके खिलाफ मोर्चाबंदी कर दी। पाकिस्तान को मिलने वाली मदद को भारत रोक सकता है, जिससे शहबाज शरीफ सरकार की कमर टूटने की नौबत आ गई है। आइए जानते हैं कि क्या है IMF और कैसे करता है वित्तीय सहायता?

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पहलगाम की घिनौनी करतूत के बाद भी भारत ने भले ही अभी तक पाकिस्तान पर अटैक नहीं किया, लेकिन उस पर लगातार आर्थिक रूप से हमला बोल रहा है। पहले भारत ने सिंधु जल डील एवं द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगाकर पाकिस्तान की कमर तोड़ी और अब दोहरी चोट करने की तैयारी चल रही है। अगर भारत अपनी चाल में कामयाब हो गया तो पाकिस्तान घुटनों के बल गिर पड़ेगा और रोटी के लिए मोहताज हो जाएगा।

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कैसे पाकिस्तान को घेरेगा भारत?

द इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को आर्थिक चोट पहुंचाने के लिए अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और फाइनेंशियल एक्‍शन टास्‍क फोर्स (FATF) में अपनी बात रखेगा। भारत चाहता है कि पाकिस्तान को आईएमएफ से मिलने वाला वित्तीय सहायता पर रोक लगे और उसे एफएटीएफ की ग्रे सूची में डाला जाए। अगर पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में डाला गया तो उसके एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) पर गहरा असर पड़ेगा।

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जानें क्या है आईएमएफ?

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था को स्थापित करने के लिए ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में जुलाई 1944 में अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (IMD) का प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें 44 सदस्य देशों ने अपनी सहमति जताई थी। आईएमएफ हैरी डेक्सटर व्हाइट और जॉन मेनार्ड कीन्स के विचारों की उपज है। आईएमएफ का मुख्य उद्देश्य आर्थिक सहयोग के लिए एक रूपरेखा तैयार करना था।

कैसे वित्तीय सहायता करता है IMF?

आईएमएफ अपने सदस्य देशों के विकास और समृद्धि में मदद करता है। यह संकटग्रस्त देशों को आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए वित्तीय सहायता देता है। यानी आईएमएफ कर्ज देता है। कोरोना महामारी के दौरान आईएमएफ ने कमजोर देशों की मदद की थी। यह एक वैश्विक केंद्र के रूप में वित्तीय और आर्थिक मुद्दों पर काम करता है।

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जानें भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आईएमएफ में क्या जताई आपत्ति?

भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड की मीटिंग 9 मई को होगी। इस मीटिंग में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पाकिस्तान 1.3 अरब डॉलर के समझौते की समीक्षा होगी। अगर सब सही रहा तो 7 बिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज पर सहमति बन सकती है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि इस बैठक से पहले भारत ने आईएमएफ से पाकिस्तान को दिए गए कर्जों की समीक्षा करने की अपील की है। ऐसे में भारत की इस आपत्ति से पाकिस्तान का आईएमएफ फंड रुक सकता है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा सकती है।

क्या है FATF की ब्लैक-ग्रे लिस्ट?

भारत फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान को दोबारा डलवाने की कोशिश कर रहा है। अगर ऐसा हुआ तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाक के खिलाफ आर्थिक निगरानी और प्रतिबंध बढ़ जाएंगे। साल 1989 में अंतर सरकारी निकाय एफएटीएफ का स्थापना हुआ था, जो ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम की सेफ्टी के लिए मानक और नीति तय करता है। FATA की ब्लैक और ग्रे लिस्ट है। जो देश मनी लॉन्ड्रिंग एवं आतंकवादी वित्तपोषण को रोकने के लिए एफएटीएफ का पालन नहीं करता है, उसे ब्लैक लिस्ट में डाला जाता है। इस सूची में शामिल देश के लिए कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाते हैं। जिन देशों में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण को रोकने में कुछ कमियां होती हैं, उन्हें ग्रे लिस्ट में डाला जाता है। एफएटीएफ उस देश को सुधार करने के लिए मौका देता है।

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