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26 जनवरी में परेड के लिए कैसे होता है झांकियों का चयन? किसे मिलता है बेस्ट का खिताब

77th Republic Day: 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में लोकतंत्र का त्योहार मनाया जाएगा। इस दौरान कर्तव्य पथ पर कई राज्यों और विभागों को झांकियां भी निकलेंगी, लेकिन किस राज्य और विभाग की झांकी निकलेगी और किसकी नहीं, यह कैसे तय होता है? इसका चयन कौन करता है? आइए विस्तार से जानते हैं।

Author Written By: Raghav Tiwari Updated: Jan 25, 2026 12:21

77th Republic Day: भारत में नए साल के स्वागत के साथ ही राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय त्योहार भी मनाया जाता है। 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को कर्तव्य पथ (पहले राजपथ) पर देश की सेनाएं शक्ति प्रदर्शन करती हैं। कई राज्य और सरकारी विभाग झांकियों के माध्यम से उभरते भारत के लिए कई संदेश देते हैं। यह दृश्य देखकर लोगों का दिल देशभक्ति से भर जाता है। कर्तव्य पथ पर झांकियों में लोग अपने प्रदेश की झांकी का भी इंतजार करते हैं। कई बार उन्हें अपने राज्य की झांकी दिख जाती है तो कई बार उन्हें निराश होना पड़ता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 26 जनवरी पर झांकियों का चयन कैसे होता है। इसके लिए क्या क्या नियम हैं, कौन इसकी अनुमति देता है।

26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू हुआ था और भारत पूर्ण गणतंत्र बना था। इसी उपलक्ष्य में हर साल 26 जनवरी को नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण किया जाता है। इसी दिन सेनाएं शक्ति प्रदर्शन करती हैं, कई हैरान करने वाले करतब दिखाती हैं। साथ ही कई राज्य और विभाग विकसित होते भारत, युवा शक्ति, आत्मनिर्भर भारत आदि पर शानदार झांकियों का प्रदर्शन करते हैं। इस बार 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है।

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इस बार परेड की थीम वंदे मातरम पर रखी गई है। वंदे मातरम के 150वीं वर्षगांठ पर आधारित है। इस दौरान ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर झांकियां निकलेंगी। इस बार कर्तव्य पथ पर 17 राज्य और 13 विभागों की झांकियां निकलेंगी। कौन सी झांकी कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित हो सकेगी, इसके पीछे लंबी प्रक्रिया होती है। उत्सव के बाद किसी एक झांकी को बेस्ट झांकी का अवार्ड भी मिलता है।

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झांकी के आवेदन से लेकर चयन तक की पूरी जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय की होती है। हर साल हजारों प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय के पास आते हैं। हर राज्य और ज्यादातर विभाग अपनी अपनी झांकियों का कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन समय की कमी के चलते कुछ चुनिंदा राज्यों और विभागों को ही इसका अवसर मिल पाता है। रक्षा मंत्रालय सबसे पहले झांकियों के आवेदन की स्क्रीनिंग के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाता है। इस कमेटी में कला और डिजाइन, विशेषज्ञ, संस्कृति और इतिहास के जानकार, प्रशासनिक अधिकारी, राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख कलाकार आदि लोग शामिल होते हैं। यही कमेटी राज्यों और विभागों की झांकियों के प्रस्तावित डिजाइन की जांच करती है।

क्या है पूरी प्रक्रिया?

पहला चरण- सितंबर/अक्तूबर में अगले गणतंत्र दिवस की थीम तैयार कर ली जाती है। थीम के आधार पर आवेदक राज्य और विभाग रत्रा मंत्रालय को कॉन्सेप्ट नोट और स्केच भेजते हैं।

दूसरा चरण- रक्षा मंत्रालय आवेदक के प्रस्ताव के डिजाइन का मूल्यांकन करती है। इसमें थीम और झांकी की प्रासंगिकता देखी जाती है। सभी मानकों की जांच के बाद प्रस्ताव को पास या अस्वीकार किया जाता है।

तीसरा चरण- जिनका प्रस्ताव पास हो जाता है, उन राज्यों और विभागों को अपनी झांकी डिजाइन का 3D मॉडल बनाकर पेश करना होता है। इसमें प्रस्तावित झांकी की सटीकता दिखानी होती है कि परेड में शामिल होने पर असल में झांकी कैसी लगेगी।

चौथा चरण- कमेटी मॉडल का मूल्यांकन करती है। जरुरत पड़ने पर सुधार के लिए सुझाव देती है। मॉडल के आकार, डिजाइन और तकनीकि खामियों का रिव्यू किया जाता है।

पांचवां चरण- कमेटी अंतिम सूची जारी करती है। इसमें उन राज्यों और विभागों के नाम शामिल होते हैं जिन्हें कर्तव्य परेड पर झांकी निकालने के लिए अनुमति मिलती है।

अंतिम चरण- इसमें स्वीकृत झांकियों का मैकेनिकल ट्रायल, मूवमेंट टेस्ट, सुरक्षा परीक्षण, परेड मार्ग का निरीक्षण आदि होता है। एक तरीके से इस चरण में 26 जनवरी के लिए रिहर्सल होता है। रिहर्सल में सफल होने पर झांकियों को कर्तव्य पथ पर प्रदर्शनी की अनुमति फाइनल होती है।

कोई झांकी बेस्ट झांकी कैसे बनती है?

गणतंत्र दिवस में भाग लेने वाली झांकियों में सर्वश्रेष्ठ झांकी का चुनाव किया जाता है। इसका चयन एक उच्चस्तरीय ज्यूरी करती है। इसके लिए कई मानक तय किए गए हैं। मानकों में थीम और झांकी की प्रासंगिकता, रचनात्मकता और कलात्मकता, तकनीकी खूबी, संगीत, वेशभूषा, लाइटिंग इफेक्ट आदि तथ्यों को देखा जाता है। पुरस्कार कई श्रेणियों में दिए जाते हैं। सर्वोत्तम राज्य, केंद्रशासित प्रदेश की झांकी, सर्वोत्तम मंत्रालय, विभाग की झांकी, विशेष उल्लेख, लोकप्रियता आधारित पुरस्कार दिए जाते हैं। बता दें कि गणतंत्र दिवस के बाद विजेता झांकियां को अक्सर भारत के अलगअलग शहरों में प्रदर्शनी के लिए भेजा जाता है।

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First published on: Jan 25, 2026 12:21 PM

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