लोकसभा में मनरेगा की जगह ‘जी राम जी’ बिल पेश कर दिया गया. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बिल को पेश किया है. इस बिल को पेश किए जाने के बाद कांग्रेस और टीएमसी सहित विपक्षी दलों ने विरोध जताया है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि नाम बदलने की ये सनक समझ नहीं आती, क्योंकि नाम बदलने में पैसे खर्च होते हैं. साथ ही प्रियंका ने कहा कि इस बिल को वापस लिया जाना चाहिए. इसकी जगह दूसरा विधेयक लाया जाना चाहिए.
क्या कहा प्रियंका गांधी ने
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘इस विधेयक द्वारा केंद्र का नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है और जिम्मेदारी घटाई जा रही है. इसमें रोजगार के दिन जरूर बढ़ा दिए, लेकिन मजदूरी नहीं बढ़ाई गई. हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ नहीं आती. जब-जब यह किया जाता है, केंद्र सरकार को पैसा खर्च करना पड़ता है. बिना चर्चा और बिना सदन की सलाह लिए विधेयक को पास नहीं किया जाना चाहिए. इस विधेयक को वापस लिया जाना चाहिए और इसके बदलने में सरकार को एक नया विधेयक लाना चाहिए. गहन जांच पड़ताल और चर्चा के लिए इस कम से कम स्थायी समिति के पास भेजा जाना चाहिए. और कोई भी विधेयक किसी की निजी महत्वाकांक्षा, सनक और पूर्वाग्रह के आधार पर ना तो पेश होना चाहिए और ना ही पास नहीं होना चाहिए.’
सरकार का पलटवार
वहीं, विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, यह बिल राम राज्य की स्थापना के लिए है. बिल में राम का नाम आने से इन्हें दिक्कत है. ये बिल गरीबों के कल्याण के लिए है. यह बिल भारत का संपूर्ण विकास करेगा. महात्मा गांधी हमारे दिले में बसते हैं. राम रोम रोम में बसते हैं. महात्मा गांधी भी राम राज्य की बात करते थे.
साथ ही उन्होंने कहा कि बिल किसी तरह से कमजोर नहीं है.
वहीं, संसद परिसर में विपक्षी सांसदों न MGNREGA का नाम बदलने के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया. विपक्षी सांसदों ने महात्मा गांधी की तस्वीर वाला पोस्टर हाथ में लिया हुआ था. इसके साथ ही वे ‘महात्मा गांधी अमर रहे’ के नारे लगा रहे थे.
#WATCH | Delhi | Opposition MPs holding photos of Mahatma Gandhi protest outside Makar Dwar in Parliament against the MGNREGA renaming issue pic.twitter.com/eDtQXApXxV
— ANI (@ANI) December 16, 2025
प्रियंका गांधी ने सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मनरेगा का नाम बदलने के पीछे की सच्चाई यह है कि मोदी सरकार रोजगार के कानूनी अधिकार को ख़त्म करना चाहती है. इस योजना से देश के गरीब से गरीब मजदूरों को रोजगार की गारंटी मिलती है, लेकिन मोदी सरकार को योजनाओं के नाम बदलने की सनक है.’
मनरेगा का नाम बदलने के पीछे की सच्चाई यह है कि मोदी सरकार रोजगार के कानूनी अधिकार को ख़त्म करना चाहती है।
— Congress (@INCIndia) December 16, 2025
इस योजना से देश के गरीब से गरीब मजदूरों को रोजगार की गारंटी मिलती है, लेकिन मोदी सरकार को योजनाओं के नाम बदलने की सनक है।
: कांग्रेस महासचिव व सांसद श्रीमती… pic.twitter.com/wi41ja1X2a










