---विज्ञापन---

देश angle-right

वन नेशन, वन इलेक्शन पर जेपीसी बैठक में पूर्व CJI बी.आर. गवई का पक्ष, बिल को बताया संविधान के अनुरूप

वन नेशन, वन इलेक्शन (ONOE) से जुड़े विधेयक पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की आज संसद भवन परिसर में बैठक हुई. बैठक में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई ने अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि यह विधेयक संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करता है.

---विज्ञापन---

वन नेशन, वन इलेक्शन (ONOE) से जुड़े विधेयक पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की आज संसद भवन परिसर में बैठक हुई. बैठक में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई ने अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि यह विधेयक संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करता है.

जस्टिस गवई ने कहा कि संविधान का मूल ढांचा संघीय व्यवस्था और लोकतांत्रिक शासन प्रणाली पर आधारित है और ONOE विधेयक लागू होने से इनमें कोई बदलाव नहीं होगा. उन्होंने तर्क दिया कि यह संशोधन केवल चुनाव कराने की प्रक्रिया में एक बार बदलाव लाता है, जबकि चुनावी ढांचा और मतदाताओं के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं.

---विज्ञापन---

उन्होंने यह भी कहा कि संविधान संसद को ऐसे संशोधन लाने का अधिकार देता है, जिससे चुनावों को एक साथ कराया जा सके. सरकार की जवाबदेही पर उठ रहे सवालों को लेकर जस्टिस गवई ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव जैसे संवैधानिक प्रावधान बरकरार रहेंगे, इसलिए केंद्र और राज्यों की जवाबदेही पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

जस्टिस गवई ने ONOE की संवैधानिक व्यवहारिकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत में 1967 तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ ही कराए जाते थे.

---विज्ञापन---
First published on: Feb 12, 2026 09:07 PM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola