SIR से जुड़ी परेशानी झेल रहे भारत के पूर्व राजदूत , साबित करनी पड़ रही खुद की नागरिकता
SIR In Punjab: नवदीप सूरी कई देशों में भारत के राजदूत और उच्चायुक्त रह चुके हैं, लेकिन अब उन्हें पंजाब में हो रहे एसआईआर प्रॉसेस में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसको लेकर इस पूर्व आईएफएस ने सवाल उठाए हैं, कि अगर उन्हें ऐसी दिक्कतें हो रही हैं, तो आम नागरिकों का क्या हाल होता होगा.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Aug 23, 2026 22:29
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Aug 23, 2026 22:29
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नवदीप सूरी को हुई एसआईआर से जुड़ी परेशानी (Photo-X/@navdeepsuri and PTI)
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Former IFS Officer Faces SIR Issue: इंडियन फॉरेन सर्विस के पूर्व अधिकारी नवदीप सूरी ने बताया है कि पंजाब में चल रही वोटर लिस्ट की ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’के दौरान उनसे भारतीय नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेज मांगे गए. गौरतलब है कि उन्होंने यूएई और मिस्र में भारत के राजदूत और ऑस्ट्रेलिया में उच्चायुक्त के तौर पर काम किया है. हालांकि चुनाव आयोग और पंजाब सरकार और केंद्र सरकार ने अभी तक उनके इस मामले पर कोई कमेंट नहीं किया है.
क्या है पूरा मामला?
ये मामला तब सामने आया जब शुरू में सब कुछ एक आम वेरिफिकेशन प्रोसेस जैसा लग रहा था. अमृतसर के रहने वाले सूरी अपने बूथ लेवल ऑफिसर के पास गए और अपना वोटर आईडी और आधार कार्ड जमा किया. उन्हें पहले बताया गया कि सब कुछ ठीक है. लेकिन बाद में उन्हें एक वॉलंटियर से मैसेज मिला कि उनकी कुछ जानकारी 2003 की एसआईआर के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही है.
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नवदीप सूरी ने एक्स पर लिखा, ‘पंजाब में SIR के साथ अपने अनुभव के बारे में बता रहा हूं. बीएलओ के पास गया, वोटर आईडी और आधार कार्ड जमा किया, भरोसा दिलाया गया कि सब ठीक है. आज एक वॉलंटियर से मैसेज मिला कि कुछ जानकारी 2003 की SIR से मेल नहीं खा रही है!’
मांगा गया पासपोर्ट
नवदीप सूरी के मुताबिक, ये फर्क 2003 में उनके भारत से बाहर रहने की वजह से था, जब पिछली बार वेरिफिकेशन हुआ था. उस वक्त वो लंदन में इंडियन हाई कमीशन में काम कर रहे थे और बाद में उनसे सबूत के तौर पर पासपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया.
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पूर्व डिप्लोमैट ने उठाए सवाल
रिटायर्ड डिप्लोमैट, जिन्होंने कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद 2019 में विदेश सेवा छोड़ दी थी, ने लंबी सरकारी सेवा के बावजूद अपनी नागरिकता साबित करने की विडंबना पर जोर दिया. उन्होंने पूछा, ‘अगर 3 देशों में भारत को रिप्रेजेंट करने के बाद भी मुझे अपनी नागरिकता साबित करने में दिक्कत हो रही है, तो आम नागरिक का क्या हाल होगा?’
पंजाब में SIR जारी
पंजाब में अभी वोटर लिस्ट में सुधार का दूसरा स्टेज चल रहा है. पहले चरण के दौरान, अधिकारियों ने 25 जून से 3 अगस्त तक घर-घर जाकर वेरिफिकेशन किया और राज्य के 2.14 करोड़ रजिस्टर्ड वोटरों में से तकरीबन 1.94 करोड़ के फॉर्म को डिजिटाइज किया.
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20 लाख से ज्यादा वोटरों को एब्सेंट, शिफ्टेड, मृत या डुप्लिकेट के तौर पर क्लासिफाई किया गया. सभी 117 विधानसभा सीटों के लिए ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर दी गई है, और 12 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं. अधिकारी 8 अक्टूबर तक जमा किए गए दावों की जांच करेंगे, जबकि फाइनल वोटर लिस्ट 12 अक्टूबर को जारी की जाएगी.