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West Bengal Election 2026 Date: बंगाल में दो चरणों में होगी वोटिंग, 4 मई को आएंगे नतीजे
2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान, बंगाल में आठ चरणों में मतदान हुए थे. असम में चुनाव तीन चरणों में, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में वोटिंग हुई थी.
West Bengal election date 2026 : चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हाई-वोल्टेज चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई. इसका मतलब है कि अब कोई भी राजनीतिक पार्टी वोटरों को लुभाने के लिए कोई घोषणा नहीं कर सकती है. साथ ही, चुनाव आयोग अब राज्य मशीनरी को कंट्रोल करेगा.
पश्चिम बंगाल में इस बार केवल दो चरणों में ही मतदान होंगे. पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. चुनाव के नतीजों का ऐलान 4 मई को किया जाएगा. 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान, बंगाल में आठ चरणों में मतदान हुए थे. इसको लेकर पिछली बार विपक्षी दलों ने सवाल भी उठाए थे.
इसकी तरह पिछली बार असम में चुनाव तीन चरणों में, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में वोटिंग हुई थी. इस बार तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को, असम, केरल और पुडुचेरी में भी एक ही चरण में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी. इनकी मतगणना भी 4 मई को होगी.
सुरक्षा के नजरिए से पश्चिम बंगाल को संवेदनशील राज्य माना जाता है. वहां सेंट्रल सिक्योरिटी फोर्स की करीब 480 बटालियन पहले ही भेजी जा चुकी हैं. चुनाव कमीशन ने यह भी कहा है कि सेंट्रल फोर्स की तैनाती का फैसला अब कमीशन द्वारा नियुक्त पुलिस ऑब्जर्वर जिले के अधिकारियों से सलाह करके करेंगे. पहले यह जिम्मेदारी जिले के पुलिस चीफ संभालते थे.
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की लीडर ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही हैं. वहीं, विपक्षी दल BJP पासा पलटने की पूरी कोशिश कर रही है. बंगाल में चुनाव स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद हो रहे हैं. राज्य में यह एसआईआर बहुत पॉलिटिक्स का टॉपिक बन गया था और सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था.
West Bengal election date 2026 : चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हाई-वोल्टेज चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई. इसका मतलब है कि अब कोई भी राजनीतिक पार्टी वोटरों को लुभाने के लिए कोई घोषणा नहीं कर सकती है. साथ ही, चुनाव आयोग अब राज्य मशीनरी को कंट्रोल करेगा.
पश्चिम बंगाल में इस बार केवल दो चरणों में ही मतदान होंगे. पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. चुनाव के नतीजों का ऐलान 4 मई को किया जाएगा. 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान, बंगाल में आठ चरणों में मतदान हुए थे. इसको लेकर पिछली बार विपक्षी दलों ने सवाल भी उठाए थे.
इसकी तरह पिछली बार असम में चुनाव तीन चरणों में, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में वोटिंग हुई थी. इस बार तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को, असम, केरल और पुडुचेरी में भी एक ही चरण में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी. इनकी मतगणना भी 4 मई को होगी.
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सुरक्षा के नजरिए से पश्चिम बंगाल को संवेदनशील राज्य माना जाता है. वहां सेंट्रल सिक्योरिटी फोर्स की करीब 480 बटालियन पहले ही भेजी जा चुकी हैं. चुनाव कमीशन ने यह भी कहा है कि सेंट्रल फोर्स की तैनाती का फैसला अब कमीशन द्वारा नियुक्त पुलिस ऑब्जर्वर जिले के अधिकारियों से सलाह करके करेंगे. पहले यह जिम्मेदारी जिले के पुलिस चीफ संभालते थे.
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की लीडर ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही हैं. वहीं, विपक्षी दल BJP पासा पलटने की पूरी कोशिश कर रही है. बंगाल में चुनाव स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद हो रहे हैं. राज्य में यह एसआईआर बहुत पॉलिटिक्स का टॉपिक बन गया था और सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था.