भूकंप से दहल उठी दिल्ली-NCR की धरती, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल समेत कई जगहों पर महसूस किए गए झटके
शनिवार शाम दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. झटके महसूस होते ही लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है.
Written By: Varsha Sikri|Updated: Jun 27, 2026 19:41
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Jun 27, 2026 19:41
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Credit: AI
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शनिवार शाम दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. अचानक धरती हिलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों, दफ्तरों और ऊंची इमारतों से बाहर निकल आए. कुछ सेकेंड तक महसूस हुए इन झटकों की वजह से लोगों में डर का माहौल बन गया. दिल्ली-एनसीआर के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी भूकंप के झटके महसूस हुए.
शनिवार शाम कश्मीर के कई इलाकों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. इससे लोगों में कुछ देर के लिए घबराहट फैल गई और एहतियात के तौर पर वो अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. गनीमत ये है कि जान-माल के किसी नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि वो स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं. इससे पहले, 27 जून को सुबह 11:38 बजे (IST) हिमाचल प्रदेश के चंबा ज़िले में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था. ये भूकंप ज़मीन से 5 किलोमीटर की गहराई पर आया था और इसका केंद्र धर्मशाला से लगभग 22 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में था. इसे कम तीव्रता वाला भूकंप माना गया और इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ.
अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप
शनिवार शाम अफ़गानिस्तान के हिंदू कुश इलाके में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया. ये भूकंप भारतीय टाइम के मुताबिक, शाम 7:04 बजे 215 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसके झटके पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए. अभी तक किसी के हताहत होने या किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप का केंद्र उत्तर-पूर्वी अफ़गानिस्तान में कलाफगन से लगभग 81 किलोमीटर दूर था और इसके झटके अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, चीन, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान में महसूस किए गए. इसकी काफ़ी गहराई की वजह से, झटके एक बड़े ज्योग्राफिकल एरिया में महसूस किए गए, हालांकि गहरे फोकस वाले भूकंपों से आमतौर पर सतह पर ज़्यादा नुकसान होने की संभावना कम होती है. सीस्मोलॉजिस्ट 6.2-मैग्नीट्यूड वाले भूकंप को एक मज़बूत घटना मानते हैं जो गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, हालांकि इसका असर कितना होगा ये गहराई, जगह और लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है.
शनिवार शाम दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. अचानक धरती हिलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों, दफ्तरों और ऊंची इमारतों से बाहर निकल आए. कुछ सेकेंड तक महसूस हुए इन झटकों की वजह से लोगों में डर का माहौल बन गया. दिल्ली-एनसीआर के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी भूकंप के झटके महसूस हुए.
शनिवार शाम कश्मीर के कई इलाकों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. इससे लोगों में कुछ देर के लिए घबराहट फैल गई और एहतियात के तौर पर वो अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. गनीमत ये है कि जान-माल के किसी नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि वो स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं. इससे पहले, 27 जून को सुबह 11:38 बजे (IST) हिमाचल प्रदेश के चंबा ज़िले में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था. ये भूकंप ज़मीन से 5 किलोमीटर की गहराई पर आया था और इसका केंद्र धर्मशाला से लगभग 22 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में था. इसे कम तीव्रता वाला भूकंप माना गया और इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ.
अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप
शनिवार शाम अफ़गानिस्तान के हिंदू कुश इलाके में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया. ये भूकंप भारतीय टाइम के मुताबिक, शाम 7:04 बजे 215 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसके झटके पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए. अभी तक किसी के हताहत होने या किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप का केंद्र उत्तर-पूर्वी अफ़गानिस्तान में कलाफगन से लगभग 81 किलोमीटर दूर था और इसके झटके अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, चीन, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान में महसूस किए गए. इसकी काफ़ी गहराई की वजह से, झटके एक बड़े ज्योग्राफिकल एरिया में महसूस किए गए, हालांकि गहरे फोकस वाले भूकंपों से आमतौर पर सतह पर ज़्यादा नुकसान होने की संभावना कम होती है. सीस्मोलॉजिस्ट 6.2-मैग्नीट्यूड वाले भूकंप को एक मज़बूत घटना मानते हैं जो गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, हालांकि इसका असर कितना होगा ये गहराई, जगह और लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है.