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दुश्मन के टैंकों का काल! DRDO की ‘टॉप अटैक’ मिसाइल का सफल वार, अब चलते टैंक को भी कर देगी राख

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 11 जनवरी को मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का सफल परीक्षण किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ को बधाई देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए बड़ा कदम है. इस स्वदेशी मिसाइल में क्या है खास, पढ़िए इस रिपोर्ट में

Author Written By: Varsha Sikri Updated: Jan 12, 2026 15:02
DRDO Missile Testing
Credit: DRDO

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. DRDO ने 11 जनवरी को महाराष्ट्र के अहिल्या नगर के केके रेंज में मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) की सफल टेस्टिंग की. ये भारतीय सेना की ताकत में इजाफा करेगी. ये मिसाइल मेन बैटल टैंक्स को आसानी से तबाह कर सकती है. चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए ये काल साबित होगी. MPATGM को फायर एंड फॉरगेट मिसाइल है यानि निशाना लगाओ और भूल जाओ. सैनिक को मिसाइल दागने के बाद उसे गाइड नहीं करना पड़ता, बल्कि वो खुद ही लक्ष्य को ढूंढकर नष्ट कर देती है. मिसाइल का वजन बेहद कम है, जिससे इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बेहद आसान है.

और क्या है खासियत?

MPATGM मिसाइल टैंक के ऊपर वाले हिस्से पर वार करती है, जो पतला होने की वजह से आसानी से नष्ट हो जाता है. ये मिसाइल थर्मल इमेजिंग के जरिए लक्ष्य को पहचान पाती है. इसमें दो विस्फोटक हैड्स है, जो टैंक के रिएक्टिव आर्मर और मेन बॉडी को तबाह करते हैं. इसमें इलेक्ट्रिक कंट्रोल सिस्टम है जो बेहद तेजी से काम करता है. मिसाइल में लगे हाई लेवल साइटिंग सिस्टम की वजह से सैनिक को लक्ष्य साफ नजर आता है. इसे ट्राइपॉड या मिलिट्री व्हीकल के जरिए लॉन्च किया जा सकता है. मिसाइल का प्रोपल्शन सिस्टम भी कमाल का है जो काफी दूर तक अटैक कर सकता है.

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कैसे हुआ परीक्षण?

DRDO ने पूरे स्वदेशी तरीके से MPATGM को तैयार किया है. DRDO की हैदराबाद में मौजूद डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL) ने ये पूरा परीक्षण किया है. मिसाइल के सामने एक थर्मल टारगेट सिस्टम रखा गया. ये सिस्टम ऐसा लगता है जैसे कोई टैंक चल रहा हो. MPATGM मिसाइल ने एक ही वार में उसके परखच्चे उड़ा दिए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और सहयोगी कंपनियों को MPATGM के सफल परीक्षण की बधाई दी. रक्षा मंत्री ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कड़ी बताया. DRDO चेयरमैन डॉ. समीर वी. कमत ने कहा कि ये स्वदेशी मिसाइल भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएगी.

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First published on: Jan 12, 2026 03:02 PM

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