प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दिल्ली की जनता को 33,500 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रोजेक्ट्स समर्पित करेंगे. इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम पिंक लाइन के 12.3 किलोमीटर लंबे मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर और मैजेंटा लाइन के 9.9 किलोमीटर लंबे दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे. इन नए रास्तों के खुलने से दिल्ली के कई रिहाइशी और व्यापारिक इलाके सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. खास बात यह है कि मैजेंटा लाइन के विस्तार के साथ अब इसकी कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी. पीएम इस दौरान एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे जहां वे दिल्ली के विकास का खाका जनता के सामने रखेंगे. मेट्रो के इस विस्तार से हजारों यात्रियों का रोजाना का सफर आसान और समय बचाने वाला साबित होगा.
तीन नए मेट्रो रूट की आधारशिला और कनेक्टिविटी
मेट्रो के विस्तार को और गति देते हुए प्रधानमंत्री फेज V-A के तहत तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास भी करेंगे. लगभग 16.1 किलोमीटर लंबे इन प्रोजेक्ट्स में रामकृष्ण आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ, एरोसिटी-आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज कॉरिडोर शामिल हैं. इन नए रूट के तैयार होने से सेंट्रल दिल्ली, साउथ दिल्ली और नोएडा के बीच आवाजाही बेहद सुगम हो जाएगी. एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह कनेक्टिविटी एक वरदान साबित होगी. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इस बड़े बदलाव को देखते हुए 8 मार्च से अपनी सर्विस के समय में भी बदलाव किया है. अब फेज-3 के कॉरिडोर पर ट्रेन सेवाएं सुबह 7 बजे के बजाय एक घंटा पहले यानी सुबह 6 बजे से ही शुरू हो जाएंगी ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो.
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सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक घरों का उपहार
इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ प्रधानमंत्री दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के रहन-सहन को बेहतर बनाने के लिए 15,200 करोड़ रुपये के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन (GPRA) के तहत सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसी पुरानी कॉलोनियों का पूरी तरह कायाकल्प किया जा रहा है. इस मेगा रीडेवलपमेंट प्लान के तहत 9,350 से ज्यादा मॉडर्न फ्लैट तैयार किए गए हैं. साथ ही इसमें लगभग 48 लाख स्क्वायर फीट का विशाल ऑफिस स्पेस भी शामिल है. प्रधानमंत्री खुद सरोजिनी नगर जाकर टाइप-5 क्वार्टर्स का दौरा करेंगे और वहां रहने वाली महिला अलॉटीज को अपने हाथों से घरों की चाभियां सौंपेंगे. यह कदम दिल्ली के शहरी ढांचे को आधुनिक और ग्लोबल स्तर का बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है.
राजधानी के विकास में एक नया अध्याय
प्रधानमंत्री का यह दौरा दिल्ली की जनता के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जिसमें परिवहन और आवास दोनों क्षेत्रों में बड़े निवेश किए गए हैं. 33,500 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं से न केवल शहर की भीड़भाड़ कम होगी बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आने की उम्मीद है. मेट्रो के नए फेज से दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा. सरकारी कॉलोनियों के रीडेवलपमेंट से राजधानी की खूबसूरती बढ़ेगी और कर्मचारियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी. प्रधानमंत्री मोदी के इन प्रोजेक्ट्स से दिल्ली एक स्मार्ट और भविष्य के लिए तैयार शहर के रूप में उभर रही है. मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नए समय और रूट के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं ताकि वे इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दिल्ली की जनता को 33,500 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रोजेक्ट्स समर्पित करेंगे. इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम पिंक लाइन के 12.3 किलोमीटर लंबे मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर और मैजेंटा लाइन के 9.9 किलोमीटर लंबे दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे. इन नए रास्तों के खुलने से दिल्ली के कई रिहाइशी और व्यापारिक इलाके सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. खास बात यह है कि मैजेंटा लाइन के विस्तार के साथ अब इसकी कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी. पीएम इस दौरान एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे जहां वे दिल्ली के विकास का खाका जनता के सामने रखेंगे. मेट्रो के इस विस्तार से हजारों यात्रियों का रोजाना का सफर आसान और समय बचाने वाला साबित होगा.
तीन नए मेट्रो रूट की आधारशिला और कनेक्टिविटी
मेट्रो के विस्तार को और गति देते हुए प्रधानमंत्री फेज V-A के तहत तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास भी करेंगे. लगभग 16.1 किलोमीटर लंबे इन प्रोजेक्ट्स में रामकृष्ण आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ, एरोसिटी-आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज कॉरिडोर शामिल हैं. इन नए रूट के तैयार होने से सेंट्रल दिल्ली, साउथ दिल्ली और नोएडा के बीच आवाजाही बेहद सुगम हो जाएगी. एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह कनेक्टिविटी एक वरदान साबित होगी. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इस बड़े बदलाव को देखते हुए 8 मार्च से अपनी सर्विस के समय में भी बदलाव किया है. अब फेज-3 के कॉरिडोर पर ट्रेन सेवाएं सुबह 7 बजे के बजाय एक घंटा पहले यानी सुबह 6 बजे से ही शुरू हो जाएंगी ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो.
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सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक घरों का उपहार
इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ प्रधानमंत्री दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के रहन-सहन को बेहतर बनाने के लिए 15,200 करोड़ रुपये के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन (GPRA) के तहत सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसी पुरानी कॉलोनियों का पूरी तरह कायाकल्प किया जा रहा है. इस मेगा रीडेवलपमेंट प्लान के तहत 9,350 से ज्यादा मॉडर्न फ्लैट तैयार किए गए हैं. साथ ही इसमें लगभग 48 लाख स्क्वायर फीट का विशाल ऑफिस स्पेस भी शामिल है. प्रधानमंत्री खुद सरोजिनी नगर जाकर टाइप-5 क्वार्टर्स का दौरा करेंगे और वहां रहने वाली महिला अलॉटीज को अपने हाथों से घरों की चाभियां सौंपेंगे. यह कदम दिल्ली के शहरी ढांचे को आधुनिक और ग्लोबल स्तर का बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है.
राजधानी के विकास में एक नया अध्याय
प्रधानमंत्री का यह दौरा दिल्ली की जनता के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जिसमें परिवहन और आवास दोनों क्षेत्रों में बड़े निवेश किए गए हैं. 33,500 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं से न केवल शहर की भीड़भाड़ कम होगी बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आने की उम्मीद है. मेट्रो के नए फेज से दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा. सरकारी कॉलोनियों के रीडेवलपमेंट से राजधानी की खूबसूरती बढ़ेगी और कर्मचारियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी. प्रधानमंत्री मोदी के इन प्रोजेक्ट्स से दिल्ली एक स्मार्ट और भविष्य के लिए तैयार शहर के रूप में उभर रही है. मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नए समय और रूट के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं ताकि वे इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठा सकें.