दिल्ली में कार ब्लास्ट पर कई खुलासे हो रहे हैं। एएनआई के जांच सूत्रों ने बताया कि आतंकी सीरियल ब्लास्ट की तैयारी में थे। बताया गया कि करीब 8 संदिग्धों ने 4 जगहों पर सीरियल ब्लास्ट करने की योजना बनाई थी। उनकी योजना 2-2 के समूहों में 4 शहरों में जाने की थी। प्रत्येक समूह अपने साथ कई आईईडी ले जाने वाला था।
दिल्ली में लाल किला के पास 10 नवंबर की शाम चलती कार में भीषण धमाका हुआ। धमाके में अभी तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इसके अलावा इसमें आतंकी डॉ. उमर भी मारा गया। मामले की जांच एनआईए कर रही है।
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इसके अलावा यूपी एटीएस और एनआईए की टीम ने दिल्ली ब्लास्ट के मामले में गिरफ्तार डॉ. शाहीन से नजदीकी रखने वाले कानपुर के एक और डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है। इसका नाम डॉ आरिफ है और यह जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले का रहने वाला है। कार्डियोलॉजी में डीएम करने के बाद यह इसी साल कानपुर के कार्डियोलॉजी इंस्टिट्यूट में नौकरी पर आया था।
डॉ आरिफ लगातार डॉक्टर शाहीन के संपर्क में था और दोनों के बीच लंबी बातचीत होती थी। इस डॉक्टर के कमरे से लैपटॉप मोबाइल और दूसरे तमाम दस्तावेज एटीएस की टीम ने जब्त कर लिए हैं। यूपी एटीएस की टीम अशोक नगर के उसे मकान को भी खंगलने पहुची, जहां आरिफ किराए पर रहती थी। इस मकान के मालिक ने बताया कि आरिफ न तो किसी से बात करता था और न ही कभी दुआ सलाम होती थी। अब बिल्कुल तय हो गया है कि डॉ शाहीन ने भले ही कानपुर मेडिकल कॉलेज को अलविदा कह दिया हो लेकिन कानपुर के तमाम मेडिकल संस्थानों में उसके मददगार मौजूद थे।
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दिल्ली में कार ब्लास्ट पर कई खुलासे हो रहे हैं। एएनआई के जांच सूत्रों ने बताया कि आतंकी सीरियल ब्लास्ट की तैयारी में थे। बताया गया कि करीब 8 संदिग्धों ने 4 जगहों पर सीरियल ब्लास्ट करने की योजना बनाई थी। उनकी योजना 2-2 के समूहों में 4 शहरों में जाने की थी। प्रत्येक समूह अपने साथ कई आईईडी ले जाने वाला था।
दिल्ली में लाल किला के पास 10 नवंबर की शाम चलती कार में भीषण धमाका हुआ। धमाके में अभी तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इसके अलावा इसमें आतंकी डॉ. उमर भी मारा गया। मामले की जांच एनआईए कर रही है।
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इसके अलावा यूपी एटीएस और एनआईए की टीम ने दिल्ली ब्लास्ट के मामले में गिरफ्तार डॉ. शाहीन से नजदीकी रखने वाले कानपुर के एक और डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है। इसका नाम डॉ आरिफ है और यह जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले का रहने वाला है। कार्डियोलॉजी में डीएम करने के बाद यह इसी साल कानपुर के कार्डियोलॉजी इंस्टिट्यूट में नौकरी पर आया था।
डॉ आरिफ लगातार डॉक्टर शाहीन के संपर्क में था और दोनों के बीच लंबी बातचीत होती थी। इस डॉक्टर के कमरे से लैपटॉप मोबाइल और दूसरे तमाम दस्तावेज एटीएस की टीम ने जब्त कर लिए हैं। यूपी एटीएस की टीम अशोक नगर के उसे मकान को भी खंगलने पहुची, जहां आरिफ किराए पर रहती थी। इस मकान के मालिक ने बताया कि आरिफ न तो किसी से बात करता था और न ही कभी दुआ सलाम होती थी। अब बिल्कुल तय हो गया है कि डॉ शाहीन ने भले ही कानपुर मेडिकल कॉलेज को अलविदा कह दिया हो लेकिन कानपुर के तमाम मेडिकल संस्थानों में उसके मददगार मौजूद थे।
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