पहले वोटर लिस्ट से बाहर, अब सीधे बने MLA… मिलिए बंगाल के सबसे 'किस्मत वाले' विधायक से

2021 के चुनाव में शून्य पर सिमटने वाली कांग्रेस के लिए मोताब शेख और रानीनगर से जुल्फिकार अली की जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है.

Motab Shaikh

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में जहां बड़े-बड़े दिग्गजों के पैर उखड़ गए, वहीं फरक्का सीट से एक ऐसी जीत निकली है जिसने सबको हैरान कर दिया है. कांग्रेस के 58 वर्षीय मोताब शेख, जिनका नाम एक महीने पहले तक मतदाता सूची में भी नहीं था, अब विधायक बन गए.

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सुप्रीम कोर्ट से मिली ‘चुनावी संजीवनी’

मोताब शेख की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है. एसआईआर के दौरान नाम की स्पेलिंग में अंतर के कारण उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख से ठीक एक दिन पहले 5 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया. कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने नामांकन भरा और सोमवार को 8,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. उन्हें कुल 63,050 वोट मिले हैं.

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‘मैं दुनिया का सबसे भाग्यशाली व्यक्ति हूं’

अपनी जीत पर मोताब शेख भावुक हो गए. इंडियन एक्सप्रेस ने उनके हवाले से लिखा है, ‘मैं दुनिया के सबसे भाग्यशाली लोगों में से एक हूं. जब मेरा नाम लिस्ट से कटा तो मैंने सारी उम्मीदें खो दी थीं. मुझे लगा था कि मैं शायद कभी वोट भी नहीं डाल पाऊंगा. लेकिन आज जनता ने मुझे चुनकर विधानसभा भेज दिया है. यह मेरी नहीं, फरक्का की जनता की जीत है.’

सिर्फ 14 दिन का मिला प्रचार का समय

उनका कहा है कि पहले कांग्रेस ने मुझे नॉमिनेट करने में समय लिया. फिर मुझे पता चला कि मेरा नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है. ऐसे में अदालती कार्यवाही और कानूनी पचड़ों के कारण मोताब शेख को चुनाव प्रचार के लिए केवल 14 दिन मिले. उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के आधे हिस्से में ही प्रचार किया था. उनका मानना है कि अगर उन्हें पूरा समय मिलता, तो उनकी जीत का अंतर और भी बड़ा होता.

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बंगाल में कांग्रेस की ‘लाज’ बचाई

2021 के चुनाव में शून्य पर सिमटने वाली कांग्रेस के लिए मोताब शेख और रानीनगर से जुल्फिकार अली की जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है. मुर्शिदाबाद जिले में टीएमसी के दबदबे को खत्म करते हुए मोताब ने फरक्का सीट पर कब्जा जमाया, जहां टीएमसी तीसरे स्थान पर खिसक गई.

अब क्या है अगला लक्ष्य?

यह उनका पहला विधानसभा चुनाव था. इससे पहले उन्होंने पंचायत का चुनाव लड़ा था. अब उनके बेटे फैमिली बिजनेस संभालते हैं. मोताब शेख अब अपनी विधानसभा की समस्याओं को उठाना चाहते हैं. फरक्का के लोगों के लिए शुद्ध पेयजल उनकी पहली प्राथमिकता है. उनका कहना है कि बंगाल में SIR के कारण करीब 27.1 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं, वे इस मुद्दे को विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाएंगे.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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