क्या कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोअर्स सच में पाकिस्तानी? जानें ISI से जुड़े होने के दावों का पूरा सच
CJP Instagram Followers: सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर बीजेपी नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप; जानिए क्या है वायरल दावों और फाउंडर अभिजीत दिपके से जुड़े विवादों की पूरी सच्चाई.
Edited By : Vijay Jain|Updated: May 22, 2026 18:45
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CJP Instagram Followers: सोशल मीडिया पर महज एक हफ्ते पहले शुरू हुई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) इस समय देश की राजनीति और इंटरनेट विमर्श के केंद्र में है. इंस्टाग्राम पर रिकॉर्डतोड़ 20 मिलियन (2 करोड़) से अधिक फॉलोअर्स जुटाकर सुर्खियां बटोरने वाली इस पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके पर अब पाकिस्तान और खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े होने के गंभीर आरोप लग रहे हैं. भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव तजिंदर बग्गा और नेता प्रीति गांधी सहित कई प्रवक्ताओं ने दावा किया है कि इस पार्टी को भारत से ज्यादा पाकिस्तान का समर्थन मिल रहा है. बग्गा द्वारा साझा किए गए थर्ड-पार्टी आंकड़ों के अनुसार, CJP के 77% फॉलोअर्स विदेशी हैं, जिनमें अकेले 49% पाकिस्तान से हैं, जबकि भारत के फॉलोअर्स महज 9% हैं.
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए बोस्टन यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट और पुणे निवासी अभिजीत दिपके ने इंस्टाग्राम के वास्तविक इनसाइट्स (आंकड़े) साझा किए. दिपके के मुताबिक, उनके 94% फॉलोअर्स भारतीय युवा हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी क्यों कहा जा रहा है? फिलहाल मेटा या इंस्टाग्राम ने इस पर कोई आधिकारिक डेटा जारी नहीं किया है.
क्या बंद हुआ X (ट्विटर) अकाउंट?
विवादों के बीच, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की 'राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं' से जुड़ी इनपुट के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर CJP के आधिकारिक X हैंडल को भारत में ब्लॉक कर दिया गया है. हालांकि, दिपके ने 'कॉकरोच इज़ बैक' नाम से नया हैंडल बना लिया है, जिसे महुआ मोइत्रा और प्रशांत भूषण जैसी बड़ी हस्तियों का समर्थन भी मिला है.
क्या वाकई ISI एजेंट हैं अभिजीत दिपके?
अभिजीत दिपके को 'ISI एजेंट' बताने वाले दावों के पीछे साल 2019 की एक पुरानी शिकायत है. अनुच्छेद 370 हटने के बाद 'लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी' (LRO) ने दिपके के खिलाफ पुणे पुलिस में यूएपीए (UAPA) के तहत शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन पर अलगाववादी विचारों को बढ़ावा देने का आरोप था. हालांकि, इस शिकायत पर आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई थी. जांच एजेंसियों की तरफ से दिपके के 'ISI एजेंट' होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, इसलिए यह दावा महज एक राजनीतिक आरोप है.
कैसे हुई इस अनोखी पार्टी की शुरुआत?
बता दें कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना कथित तौर पर 'कॉकरोच' से करने के बाद, विरोध स्वरूप इस पैरोडी (व्यंग्य) पार्टी की शुरुआत हुई थी. जो मामला महज एक मजाक से शुरू हुआ था, वह अब देश के सबसे बड़े ऑनलाइन राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुका है.
CJP Instagram Followers: सोशल मीडिया पर महज एक हफ्ते पहले शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) इस समय देश की राजनीति और इंटरनेट विमर्श के केंद्र में है. इंस्टाग्राम पर रिकॉर्डतोड़ 20 मिलियन (2 करोड़) से अधिक फॉलोअर्स जुटाकर सुर्खियां बटोरने वाली इस पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके पर अब पाकिस्तान और खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े होने के गंभीर आरोप लग रहे हैं. भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव तजिंदर बग्गा और नेता प्रीति गांधी सहित कई प्रवक्ताओं ने दावा किया है कि इस पार्टी को भारत से ज्यादा पाकिस्तान का समर्थन मिल रहा है. बग्गा द्वारा साझा किए गए थर्ड-पार्टी आंकड़ों के अनुसार, CJP के 77% फॉलोअर्स विदेशी हैं, जिनमें अकेले 49% पाकिस्तान से हैं, जबकि भारत के फॉलोअर्स महज 9% हैं.
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए बोस्टन यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट और पुणे निवासी अभिजीत दिपके ने इंस्टाग्राम के वास्तविक इनसाइट्स (आंकड़े) साझा किए. दिपके के मुताबिक, उनके 94% फॉलोअर्स भारतीय युवा हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी क्यों कहा जा रहा है? फिलहाल मेटा या इंस्टाग्राम ने इस पर कोई आधिकारिक डेटा जारी नहीं किया है.
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क्या बंद हुआ X (ट्विटर) अकाउंट?
विवादों के बीच, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की ‘राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं’ से जुड़ी इनपुट के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर CJP के आधिकारिक X हैंडल को भारत में ब्लॉक कर दिया गया है. हालांकि, दिपके ने ‘कॉकरोच इज़ बैक’ नाम से नया हैंडल बना लिया है, जिसे महुआ मोइत्रा और प्रशांत भूषण जैसी बड़ी हस्तियों का समर्थन भी मिला है.
क्या वाकई ISI एजेंट हैं अभिजीत दिपके?
अभिजीत दिपके को ‘ISI एजेंट’ बताने वाले दावों के पीछे साल 2019 की एक पुरानी शिकायत है. अनुच्छेद 370 हटने के बाद ‘लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी’ (LRO) ने दिपके के खिलाफ पुणे पुलिस में यूएपीए (UAPA) के तहत शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन पर अलगाववादी विचारों को बढ़ावा देने का आरोप था. हालांकि, इस शिकायत पर आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई थी. जांच एजेंसियों की तरफ से दिपके के ‘ISI एजेंट’ होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, इसलिए यह दावा महज एक राजनीतिक आरोप है.
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कैसे हुई इस अनोखी पार्टी की शुरुआत?
बता दें कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना कथित तौर पर ‘कॉकरोच’ से करने के बाद, विरोध स्वरूप इस पैरोडी (व्यंग्य) पार्टी की शुरुआत हुई थी. जो मामला महज एक मजाक से शुरू हुआ था, वह अब देश के सबसे बड़े ऑनलाइन राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुका है.