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भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद NDA बैठक में मना जश्न, PM मोदी ने अपने सांसदों दी खास नसीहत

संसद में मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। इसमें पीएम मोदी भी शामिल हुए। अमेरिका के साथ ट्रेड डील संपन्न होने पर एनडीए सांसदों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने सांसदों को खास नसीहत दी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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Written By: Kumar Gaurav Updated: Feb 3, 2026 14:08

NDA Meeting: दिल्ली में मंगलवार को हुई एनडीए संसदीय दल की बैठक सिर्फ ट्रेड डील और बजट की तारीफ तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहयोगी दलों और अपने सांसदों को सियासी और संसदीय अनुशासन का कड़ा संदेश भी दिया।

बैठक की शुरुआत अमेरिका, यूरोपीय यूनियन, न्यूजीलैंड समेत कई देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों पर प्रधानमंत्री मोदी के अभिनंदन से हुई। एनडीए सांसदों ने हालिया ट्रेड डील और टैरिफ कटौती को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। इसी मंच से बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भी स्वागत किया गया।

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सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मोदी सरकार के विदेशी व्यापार एजेंडे को ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया। बताया गया कि मोदी नेतृत्व में अब तक 39 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो चुके हैं, जिसे वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक स्वीकार्यता के तौर पर प्रोजेक्ट किया गया।

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हालांकि, बैठक का दूसरा चेहरा ज्यादा राजनीतिक और अनुशासनात्मक रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को स्पष्ट संदेश दिया कि संसद में उनकी मौजूदगी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिस तरह कार्यकर्ता मैदान में मेहनत करते हैं, उसी तरह सांसदों को संसद के अंदर सक्रिय भूमिका निभानी होगी। कोरम बेल बजने के बावजूद सांसदों की गैरमौजूदगी पर प्रधानमंत्री ने नाराजगी भी जताई।

बैठक में राहुल गांधी के हालिया संसद व्यवहार को लेकर भी सत्तारूढ़ गठबंधन ने तीखा हमला बोला। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कथित तौर पर राहुल गांधी के आचरण को संसद की मर्यादा के खिलाफ बताया और इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति से जोड़ा।

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प्रधानमंत्री ने सांसदों को यह भी निर्देश दिया कि वे बजट 2026 को अगले 25 वर्षों के विजन के तौर पर जनता तक पहुंचाएं। साथ ही उन्होंने छोटे दलों के एनडीए से जुड़ने को सरकार की बढ़ती राजनीतिक स्वीकार्यता का संकेत बताया।

बैठक का असली मकसद उपलब्धियों के प्रचार के साथ-साथ गठबंधन के भीतर अनुशासन मजबूत करना भी था। संसद में विपक्ष के बढ़ते आक्रामक रुख और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के बीच सरकार अपने सांसदों को ज्यादा सक्रिय और एकजुट रखने की रणनीति पर काम करती दिख रही है।

ट्रेड डील पर जश्न के माहौल के बीच प्रधानमंत्री का अनुशासन संदेश यह संकेत देता है कि सरकार आर्थिक उपलब्धियों को राजनीतिक मजबूती में बदलने की तैयारी में है।

First published on: Feb 03, 2026 01:25 PM

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