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हुंडई वरना से टेलीग्राम और केरल हॉस्टल तक…, नीट पेपर लीक में CBI चार्जशीट में बड़ा खुलासा

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर बड़ा खुलासा किया है. 3 मई की परीक्षा से चार दिन पहले ही झुंझुनू बाईपास पर एक कार से 11 प्रिंटेड पेपर सेट बांटे गए थे. चार्जशीट में हुंडई वरना कार, टेलीग्राम ग्रुप्स और केरल के हॉस्टल तक फैले धांधली के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है.

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देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट में पूरे नेटवर्क पर हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि 3 मई को होने वाली परीक्षा से ठीक चार दिन पहले यानी 30 अप्रैल को ही लीक प्रश्नपत्र के 11 प्रिंटेड सेट राजस्थान पहुंच चुके थे. सीबीआई के अनुसार, 30 अप्रैल को राजस्थान के झुंझुनू बाईपास पर एक काली हुंडई वरना कार आकर रुकी. इस कार में नीट परीक्षा के लीक प्रश्नपत्रों के 11 प्रिंटेड सेट मौजूद थे. कार में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बॉयोलोजी, तीनों विषयों के सवाल और उनके जवाब शामिल थे.

चार्जशीट के मुताबिक, इस साजिश में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े विषय विशेषज्ञों, प्रमुख कोचिंग संस्थानों के संचालकों और बिचौलियों की अहम भूमिका रही. पेपर लीक के दौरान सवाल और उनके जवाब तुरंत टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स पर शेयर किए जाते थे. वहीं, उम्मीदवारों को लीक हुए सवाल रटाने के लिए अलग-अलग ठिकानों और हॉस्टलों का इस्तेमाल किया गया.

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सीकर कनेक्शन और बिचौलियों का नेटवर्क

जांचकर्ताओं के मुताबिक, अमित कुमार मीना नाम का शख्स इस कार का इंतजार कर रहा था. अमित को सूचना मिली थी कि राजस्थान के प्रमुख कोचिंग हब ‘सीकर’ में अपने संपर्कों के जरिए नीट का पेपर हासिल किया जा सकता है. पेपर लीक के इस पूरे खेल के केंद्र में सीकर के रहने वाले मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल का परिवार था. बिवाल परिवार ही उस वरना कार से झुंझुनू पहुंचा था और उन्होंने अमित कुमार मीना को तीनों विषयों के प्रिंटेड सेट सौंपे थे.

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सीबीआई की इस जांच में 360 गवाहों के बयान, 422 से अधिक महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत शामिल किए गए हैं. फोरेंसिक जांच, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट से यह साबित हुआ है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र तय गिरोहों और अभ्यर्थियों तक पहुंचा दिया गया था.

फिलहाल गिरफ्तार किए गए सभी 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, सबूत मिटाने और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं. एजेंसी का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों पर आगे की जांच जारी है.

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रद्द करनी पड़ी थी परीक्षा

गौरतलब है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को करीब 20 लाख छात्रों के लिए NEET-UG परीक्षा आयोजित की थी. हालांकि, परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होने के गंभीर आरोप सामने आए, जिसके बाद चौतरफा दबाव के चलते इस परीक्षा को रद्द करना पड़ा था. बाद में सीबीआई को इसकी जांच सौंपी गई और 21 जून को फिर से पुनर्परीक्षा आयोजित की गई. सीबीआई की चार्जशीट से साफ हो गया है कि कैसे योजनाबद्ध तरीके से परीक्षा से कई दिन पहले ही पेपर बाहर भेज दिए गए थे.

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First published on: Aug 07, 2026 03:35 PM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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