भारत में दो दिन का ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शनिवार को होने जा रहा है. विश्व में बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच भारत इसका उपयोग आर्थिक विकास को गति देने के लिए कर रहा है. इस शिखर सम्मेलन की सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकीं हैं. भारत इसमें 'ग्लोबल साउथ' के विकास से जुड़े मुद्दे उठाएगा एवं विशेष रूप से खाद्य और ऊर्जा की भी बात करेगा.

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आना तय

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने भारत आने की पुष्टि कर दी है. उनकी लगभग सात साल के बाद भारत की पहली यात्रा होगी. वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे.

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आर्थिक विकास पर जोर

बड़े अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत 'ग्लोबल साउथ' की मुख्य विकास प्राथमिकताओं को अहमियत देगा. भारत वैश्विक व्यापार विवादों और भू-राजनीतिक बदलावों से पैदा हो रही आर्थिक चुनौतियों के बीच, ‘‘हम खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा स्थिरता और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) से जुड़ी प्रमुख कमजोरियों को दूर करने पर ध्यान देगा. ‘ग्लोबल साउथ’ का मतलब उन देशों से हैं जो विकासशील (Developing), अल्प विकसित (Underdeveloped) और अविकसित (Undeveloped) हैं. यह अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं.

इसमें कितने देश शामिल हैं

पहले ब्रिक्स ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका से मिलकर बना था. लेकिन, 2024 में इसका विस्तार होने के बाद और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात तथा सऊदी अरब शामिल हुए, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल हुआ. पिछले साल बेलारूस, बॉलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, ​​मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के हिस्सेदार देश बने थे.

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11 प्रमुख अर्थव्यवस्था एक साथ

ब्रिक्स एक प्रभावशाली ग्रुप है, जो दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है. यह वैश्विक आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा हैं.

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‘मानवता सर्वोपरि’ थीम

भारत ने इसकी थीम ‘मानवता सर्वोपरि’ रखी है जो जन-केंद्रित रुख के भारत के दृष्टिकोण को दर्शाती है. यह थीम ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ को देखते हुए बनाई गई है. इस साल देशभर के 25 से ज़्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. इनका मकसद ब्रिक्स की रणनीतिक साझेदारी को तीन मुख्य आधार राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय, तथा सांस्कृतिक एवं लोगों के बीच आपसी संपर्क पर और मजबूत करना है.

संस्थापक सदस्य भारत पहले भी कर चुका अध्यक्षता

ब्रिक्स का भारत संस्थापक सदस्य है और कई बार इसकी अध्यक्षता भी कर चुका है. भारत इससे पहले साल 2012, 2016 तथा 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है. एक जनवरी 2026 को भी चौथी बार भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता करी थी.

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किस समय शुरू होगा सम्मेलन

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शनिवार को दोपहर 2:35 बजे एक विशेष शत्र के साथ शुरू होगा. इसके बाद सभी नेता ‘भारत इनोवेट्स एग्जिबिशन’ देखेंगे, जो शाम 4:25 बजे शुरू होगी. शाम 5:05 बजे, सभी नेता शिखर सम्मेलन की जगह भारत मंडपम के लॉन में सामूहिक रूप से तस्वीरें खिंचवाने के लिए इकट्ठे होंगे और उसके बाद मिलकर पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे. शाम 7:30 बजे पहले दिन के कार्यक्रमों का समापन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित एक शानदार रात्रिभोज के साथ होगा. रविवार को सुबह 10:35 बजे आधिकारिक सामूहिक तस्वीर ली जाएगी. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, ‘‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता का सत्र सुबह 10.50 बजे शुरू होगा. इस शिखर सम्मेलन का समापन नई दिल्ली घोषणापत्र जारी किए जाने के साथ होगा.

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