---विज्ञापन---

देश angle-right

Explainer: क्या है ‘बीजिंग मॉडल’? जिससे साफ हो सकती है दिल्ली की ‘जहरीली’ हवा, चीन ने ऑफर किया प्लान

Beijing Model Explainer: चीन ने भारत को बीजिंग मॉडल ऑफर किया है, जिससे देश की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त शहर बनाया जा सकता है. चीन ने लगातार 5 साल इस मॉडल को फॉलो करके बीजिंग को सबसे प्रदूषित शहर की सूची से निकालकर सबसे साफ शहर की सूची में शामिल कराया है.

---खबर नीचे जारी है---

Beijing Model Explainer: दिल्ली में स्मॉग और प्रदूषण चरम पर पहुंच गया है. 3 महीने में 2 बार राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 तक पहुंच चुका है और 3 महीने से राजधानी ने स्मॉग की मोटी चादर ओढ़ी हुई है. दिल्ली की तस्वीर और हवा इतनी जहरीली है कि देखकर ही दम घुटने लगता है. ग्रैप-4 के नियम लागू करने के बाद भी प्रदूषण कम नहीं हुआ तो चीन ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया और दिल्ली को प्रदूषण मुक्त शहर बनाने के लिए अपना बीजिंग मॉडल ऑफर किया है.

चीनी एम्बेसी के प्रवक्ता का ट्वीट

दिल्ली स्थित चीन की एम्बेसी के प्रवक्ता यू जिंग ने अपने X हैंडल पर पोस्ट लिखकर भारत की मोदी सरकार को बीजिंग मॉडल के बारे में बताया. यू जिंग ने लिखा कि यूं तो चीन अपने प्लान, स्कीन और मॉडल किसी के साथ शेयर नहीं करता, लेकिन दिल्ली की हालत देखते हुए चीन अपना बीजिंग मॉडल भारत के साथ शेयर कर सकता है. क्योंकि चीन इस परेशानी से जूझ चुका है और परेशानी से निजात भी पा चुका है, इसलिए चीन इस समस्या को सुलझाने में भारत की मदद करना चाहता है.

---खबर नीचे जारी है---

2013 में बना बीजिंग मॉडल

बता दें कि चीन की राजधानी बीजिंग की हालत भी साल 2007 में दिल्ली जैसी हो गई थी. साल 2011 तक बीजिंग स्मॉग की मोटी चादर से ढका रहा और लोग शहर से पलायन करने लगे. प्रदूषण इतना फैल गया था कि बीजिंग का AQI साल 2013 में 755 रिकॉर्ड हुआ. बीजिंग का हाल देखकर कई रैंकिग देने वाली कंपनियों ने बीजिंग को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया. इंटरनेशनल लेवल पर बीजिंग के प्रदूषण की चर्चा होने लगी और चीन को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा.

चीन में ये थी प्रदूषण की वजह

दुनियाभर की कंपनियों जब बीजिंग में इन्वेस्ट करने से बचने लगी तो चीन की सरकार ने आक्रामक रुख अपनाते हुए बीजिंग को पॉल्यूशन फ्री सिटी बनाने के लिए प्लान बनाया. सरकार ने पहले समस्या की पहचान की और फिर उससे निपटने की रणनीति बनाई, जिसे बीजिंग मॉडल नाम दिया. समस्या की पहचान करते हुए पता चला कि चीन ने जब विकास की राह पकड़ी तो देश GDP बढ़ी. जनसंख्या बढ़ने के साथ वाहनों की संख्या भी बढ़ी. चीन दुनिया का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल मार्केट बन गया.

---खबर नीचे जारी है---

बढ़ती जनसंख्या बनी समस्या

जनसंख्या बढ़ने से चीन में तेल और कोयले की खपत बढ़ी. सर्दी से बचने के लिए कोयले का इस्तेमाल होने लगा. फैक्ट्रियां लगने से उन्हें चलाने के लिए कोयले की खपत बढ़ी, जिससे फैले प्रदूषण ने बीजिंग की हवा को प्रदूषित कर दिया. फैक्ट्रियों के धुएं से निकलने वाले प्रदूषण के साथ मंगोलिया से आने वाले रेतीले तूफान ने बीजिंग की हवा में और जहर मिला दिया. परिणामस्वरूप बीजिंग के लोग मास्क पहनकर घूमने लगे. धीरे-धीरे प्रदूषण पूरे देश में फैलने लगा और मास्क भी पूरे देश में फैल गया.

ऐसे बनाया बीजिंग मॉडल

बीजिंग की दम घोंटने वाली हालत देखकर चीन की सरकार ने साल 2012 में एयर पॉल्यूशन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल एक्शन प्लान बनाया, जिसे 5 साल के लागू किया. 5 प्रकार के एक्शन लिए गए, जिनके तहत इंडस्ट्री-फैक्टियों के लिए प्लान बनाया. असंख्य वाहनों से निकलने वाले धुएं को कंट्रोल करने के लिए यूरोपीय मॉडल अपनाया. सोलर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में इन्वेस्टमेंट किया. शहर में जगह-जगह पेड़ लगाकर हरियाली बढ़ाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग लागू की.

---खबर नीचे जारी है---

ऐसे लागू किया एक्शन प्लान

1. कोयले से चलने वाली फैक्ट्रियों और कारखानों को शहर के बाहर शिफ्ट किया. कुछ को बंद किया तो कुछ को नेचुरल गैस या इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम से रिप्लेस किया.

2. कोयले से चलने वाले स्टील, सीमेंट, पावर प्लांट बंद किए. जो राजी नहीं हुए, उन्हें शहर के बाहर शिफ्ट करके ग्रीन या सोलर एनर्जी अपनाने को मजबूर किया.

---खबर नीचे जारी है---

3. कोल-टू-गैस और कोल-टू-इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी के तहत साल 2017 में कोयले से चलने वाला पावर प्लांट बंद कर दिया. 3000 फैक्ट्रियां शिफ्ट कीं और 1200 बंद की.

4. ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने पर फोकस किया. सोलर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में इनवेस्टमेंट करके चीन को दुनिया का सबसे बड़ा क्लीन एनर्जी प्रोडक्टर बनाया.

---खबर नीचे जारी है---

5. यूरोपीय मॉडल को फॉलो करते हुए वाहनों से धुएं के उत्सर्जन को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए. ऑड-ईवन डे प्लान का सख्ती से पालन कराया.

6. नया वाहन खरीदने की लिमिट तय की. पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहन बैन करके इलेक्ट्रिक वाहनों, इलेक्ट्रिक बसों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया.

---खबर नीचे जारी है---

7. करीब 20 लाख पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहन स्क्रैप बनाए. क्लीन फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया. चीन में दुनिया का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बनाया.

8. बीजिंग समेत पूरे चीन में लाखों पेड़ लगाकर 60 प्रतिशत ग्रीन स्पेस बढ़ाया. जंगल बनाए, घरों के आस-पास पार्क बनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया

---खबर नीचे जारी है---

9. रियल टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम लगाकर नियमों के पालन का निरीक्षण किया. पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर भारी जुर्माने लगाए.

10. पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन करने वालों को जेल तक भेज दिया. कच्ची सड़कों को पक्का करके धूल मिट्टी वाला एरिया घटाया. पानी का छिड़काव करके धूल-मिट्टी कम की.

---खबर नीचे जारी है---

First published on: Dec 22, 2025 01:26 PM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं एमफिल कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम, फीचर आदि टॉपिक कवर करती हूं। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola