---विज्ञापन---

देश angle-right

सफल नहीं हुआ ISRO का मिशन, अब रॉकेट और 16 सैटेलाइट्स कहां जाएंगे?

ISRO का ऑर्बिटल मिशन पूरा नहीं हो पाया. सोमवार को 2026 की पहले ऑर्बिटल मिशन की सफल लॉन्चिंग की, लेकिन सैटेलाइट तैनात नहीं हो पाए. अब सवाल उठता है कि जो सैटेलाइट फेल हो जाते हैं, फिर उनका क्या किया जाता है? क्या वो नीचे गिराए जाते हैं या ऊपर ही घूमते रहते हैं?

---विज्ञापन---

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) ने सोमवार को 2026 की पहले ऑर्बिटल मिशन की सफल लॉन्चिंग की, लेकिन सैटेलाइट तैनात नहीं हो पाए. PSLV C62 रॉकेट ने श्री हरिकोटा से अपनी 64वीं उड़ान भरी. इसमें EOS-N1 अन्वेषा समेत 16 सैटेलाइट भी डिप्लॉय की गई थी. अन्वेषा को सैटेलाइट एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन एप्लीकेशन के लिए तैयार किया था. लेकिन सैटेलाइट्स लॉन्च के कुछ देर बाद ही अपना रास्ता भटक गई. ISRO चीफ डॉ. वी नारायणन ने कहा कि रॉकेट लॉन्चिंग के तीसरे चरण में गड़बड़ी आ गई, जिसकी वजह से उसने दिशा बदल दी. अब सवाल ये उठता है कि इस तरह मिशन फेल होने के बाद रॉकेट और सैटेलाइट का क्या होता है? चलिए इस बारे में हम आपको विस्तार से समझाते हैं.

ये भी पढ़ें: दुनियाभर से हट जाएंगे मोबाइल टावर… ISRO ने लॉन्च की Blue Bird Block-2 सैटेलाइट, मोबाइल को ऐसे मिलेगी कनेक्टिविटी

---विज्ञापन---

रास्ता भटकने के बाद रॉकेट का क्या होता है?

रॉकेट में ऑनबोर्ड कंप्यूटर और सुरक्षा सिस्टम फिट किया जाता है जो उसकी दिशा, स्पीड और ऊंचाई पर नजर रखने में मदद करता है. अगर रॉकेट रास्ता बदलकर जमीन या आबादी की तरफ जाता है तो रेंज सेफ्टी ऑफिसर उसे टर्मिनेट कर सकता है. अगर ज्यादा ऊंचाई पर रॉकेट में कोई खराबी आती है तो उसके टुकड़े समुद्र में गिर जाते हैं. कई मामलों में रॉकेट को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है.

16 सैटेलाइट्स का क्या होगा?

सैटेलाइट अलग होने से पहले अगर खराबी आती है तो वो रॉकेट के साथ ही नष्ट हो जाते हैं. अगर सैटेलाइट ऑनबोर्ड सिस्टम से खुद को कंट्रोल कर सके तो ऑर्बिट सुधारने की कोशिश की जाती है. लेकिन अगर ऐसा नहीं होता तो मिशन अबॉर्ट कर दिया जाता है. सैटेलाइट कुछ समय बाद वायुमंडल में जलकर खत्म हो सकते हैं. जो सैटेलाइट पूरी तरह नहीं जल पाते, उन्हें समुद्र के एक सुनसान हिस्से में गिराया जाता है जिसे पॉइंट नेमो कहते हैं. ये प्रशांत महासागर का वो हिस्सा है जो जमीन से सबसे ज्यादा दूर है.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: गगनयान मिशन का लेवल अप, ISRO को मिली बड़ी कामयाबी, जानिए क्या है खास?

First published on: Jan 13, 2026 12:07 PM

End of Article

About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। इससे पहले वर्षा आज तक, ज़ी न्यूज, रिपब्लिक, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुकी हैं। वर्षा ने बतौर रिपोर्टर और एंकर भी काम किया है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

Read More

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। इससे पहले वर्षा आज तक, ज़ी न्यूज, रिपब्लिक, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुकी हैं। वर्षा ने बतौर रिपोर्टर और एंकर भी काम किया है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola