कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने ऐलान किया है कि वो तब तक अपना विरोध जारी रखेंगे जब तक सरकार उनकी 4 मांगें नहीं मान लेती. पहली मांग है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरी मांग है आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा, तीसरी मांग है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई मुकदमा नहीं होगा और चौथी मांग है अत्याचार करने में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए. कॉकरोच जनता पार्टी ने बुधवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए अपनी शर्तें सरकार के सामने रखीं.
IMPORTANT – 22nd July at 6:15 PM
CJP will continue its protests until the Government accepts its demands for:
1. Dharmendra Pradhan’s resignation 2. Rs 1 crore compensation for families of children who died by suicide 3. NO PROSECUTION OF PEACEFUL PROTESTERS 4. All police…
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 22, 2026
आपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी का ये प्रदर्शन लंबे वक्त से जारी है और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर उनके समर्थन में भारी जनसैलाब उमड़ा. इसमें देश की हर पीढ़ी के लोग मौजूद थे. दिनभर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी और आम जनता को चोटें भी आईं. ये हंगामा तब शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की थी. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे. पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया. दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने नड्डा को चिट्ठी सौंपी, जिसपर उन्होंने आश्वासन दिया कि वो इस बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे.
राहुल गांधी ने भी की प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को देश के एजुकेशन सिस्टम को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए हैं और इन मामलों में किसी को भी सजा नहीं हुई. उन्होंने कहा कि पूरा एजुकेशन सिस्टम ही गड़बड़ा गया है. छात्रों के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी ने कहा, ‘सवाल ये है कि हमारे छात्रों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? छात्रों ने ऐसा क्या किया है? सुरक्षा बल उन पर हथियार ताने खड़े हैं. उन्होंने क्या गलत किया है? वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, अपनी मांगें रख रहे हैं, और वे वही मांग रहे हैं जो यह देश उन्हें देने का हकदार है. वे बस यही कह रहे हैं कि देश के छात्र होने के नाते, हम एक ऐसे शिक्षा प्रणाली के हकदार हैं जो निष्पक्ष हो. बच्चों ने आत्महत्या तक कर ली है. हमारे छात्र बहुत ज्यादा तनाव से गुजरते हैं और आखिर में उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है.’