मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले
(Photo: ANI)
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आज पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक और आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) में कई अहम फैसले लिए गए. कैबिनेट ने पीएम धारा को मंजूरी दी. बैठक में रबी फसलों के लिए 2027-28 में गेंहू समेत 6 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बढ़ाने का भी फैसला लिया गया. कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोदी सरकार के फैसलों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने 2027-28 के लिए गेहूं का MSP 25 रुपये बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया है.
VIDEO | Delhi: Addressing a press conference on Cabinet decisions, Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "Three major decisions were taken today, which will have a far-reaching impact across the country. The first decision is regarding the fixing of MSP for rabi crops. As you… pic.twitter.com/6jedAobYQV
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मीटिंग में तीन फैसलों पर मुहर लगी है. पहला फैसला रबी फसलों की MSP को लेकर लिया गया है. उन्होंने कहा- ”पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही लागत पर 50 प्रतिशत एक्स्ट्रा मार्जिन या 50 प्रतिशत मुनाफा देने का फैसला किया था. अब उसी को लागू किया गया है.” केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बैठक में दूसरा बड़ा फैसला है-पीएम धारा. ये रिन्यूएबल एनर्जी को पहुंचाने के लिए जरूरी ग्रिड और स्मार्ट ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्यक्रम है. मोदी सरकार का तीसरा और अहम फैसला है-दिल्ली के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS).
‘मोदी सरकार ने किसानों के हित के लिए काम किया’
रबी फसलों की प्राइस पॉलिसी के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- मोदी सरकार ने हमेशा किसानों के हित में मजबूती से काम किया है. पहले की सरकारों के समय जो फैसले सीमित दायरे में लिए जाते थे, वो अब किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं.” उन्होंने मोदी सरकार के ऐलान को लेकर आगे बताया- ”गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड और सरसों जैसी फसलों के लिए MSP को उत्पादन लागत से कम से कम 50% ज्यादा तय किया गया है। उदाहरण के लिए अगर गेहूं की उत्पादन लागत 1,264 रुपये है, लेकिन MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो लागत से 100% से भी ज्यादा है. इसी तरह, जौ के लिए MSP को अनुमानित उत्पादन लागत से 58% ज्यादा तय किया गया है. 1,447 रुपये की लागत के मुकाबले MSP 2,286 रुपये प्रति क्विंटल है. कुल मिलाकर, इस रबी सीजन में 324 लाख मीट्रिक टन की खरीद से किसानों तक 90,962 करोड़ रुपये पहुंचेंगे.”