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चाचा की छाया से निकलकर बनाई थी खुद की राह, ऐसा रहा अजित पवार का 42 साल का सियासी सफर

1982 में एक सहकारी चीनी मिल से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले अजित पवार का 42 साल का सियासी सफर रहा है. इस दौरान उन्होंने कई बार उपमुख्यमंत्री का पद संभाला.

Author Edited By : Arif Khan
Updated: Jan 28, 2026 12:34
अजित पवार का जन्म महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के एक गांव में हुआ था.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का बुधवार को एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया. बारामती में लैंडिंग के दौरान उनका निजी विमान क्रैश हो गया. प्लेन में सवार सभी छह लोगों की जान चली गई. 1982 में एक सहकारी चीनी मिल से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले अजित पवार का 42 साल का सियासी सफर रहा है. इस दौरान उन्होंने कई बार उपमुख्यमंत्री का पद संभाला.

अजित पवार का सियासी सफर

अजित पवार ने जब राजनीति में प्रवेश किया, तब तक उनके चाचा शरद पवार राज्य में कांग्रेस पार्टी के एक बड़े नेता बन चुके थे. साल 1982 में उन्होंने 23 साल की उम्र में सार्वजनिक जीवन में एंट्री की. उन्हें एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुना गया था. फिर उन्होंने साल 1991 में बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी. इसी साल उन्होंने विधानसभा का चुनाव भी जीता. इसके बाद वह राज्य की कैबिनेट में शामिल होकर कृषि और बिजली राज्य मंत्री रहे. फिर नवंबर 1992 से फरवरी 1993 तक वह राज्य के जल आपूर्ति, बिजली और योजना राज्य मंत्री रहे.

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अक्टूबर 1999 से जुलाई 2004 तक उन्होंने सिंचाई और बागवानी मंत्रालय संभाला. फिर जुलाई 2004 से नवंबर 2004 तक ग्रामीण विकास, जल आपूर्ति और स्वच्छता, सिंचाई मंत्री रहे. इसके अलावा उन्होंने राज्य में जल संसाधन, ऊर्जा मंत्रालय भी संभाला है. नवंबर 2010 से सितंबर 2014 में डिप्टी सीएम के पद पर रहे. इस दौरान उन्होंने वित्त, योजना और ऊर्जा मंत्रालय संभाला.

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जब चाचा से किया विद्रोह

साल 2019 में अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ खुला विद्रोह किया. भाजपा के देवेंद्र फडणवीस के साथ गठबंधन में उपमुख्यमंत्री बन गए. उन्होंने तीन दिन बाद इस्तीफा दे दिया और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया, जिससे फडणवीस को इस्तीफा देना पड़ा.

दिसंबर 2019 में, अपने चाचा के पास वापस आ गए. इसके बाद उद्धव ठाकरे की महा विकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में सरकार में शामिल हो गए. जुलाई 2023 में, महा विकास अघाड़ी सरकार के गिरने के बाद, अजित पवार ने एक बार फिर अपने चाचा के खिलाफ विद्रोह कर दिया. अपनी ही पार्टी को तोड़कर भाजपा-एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना सरकार में शामिल हो गए.

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महाराष्ट्र के गांव में हुआ जन्म

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई, 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के एक गांव देवलाली प्रवरा में हुआ था. अजित पवार के पिता, अनंतराव पवार, मुंबई के मशहूर राजकमल स्टूडियो में काम करते थे. पिता की मौत के बाद उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई. उन्होंने महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड से सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट लेवल तक अपनी फॉर्मल पढ़ाई पूरी की.

First published on: Jan 28, 2026 12:25 PM

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